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South Africa ने भारत को 7 विकेट से हराया, 2-1 से अपने की टेस्ट सीरीज

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DESK : भारत और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के बीच तीन मैचों की सीरीज का निर्णायक टेस्ट केप टाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में खत्म हो चुका है. यह मैच साउथ अफ्रीका ने अपने नाम कर लिया है. वहीं, टेस्ट हारने के बाद भारत का दक्षिण अफ्रीका में पहली टेस्ट सीरीज का सपना भी टूटा गया. अफ्रीका के सामने 212 रनों का टारगेट था, जिसे टीम ने 3 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही एल्गर एंड कंपनी ने टेस्ट सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया. इस मैदान पर केवल चौथी बार किसी टीम ने 200+ का टारगेट चेज किया है.

इस मैच की बात करें तो भारत ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी, लेकिन टीम 223 रन बना पाई थी. विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 79 रन बनाए थे. 43 रन की पारी चेतेश्वर पुजारा ने भी खेली थी. इसके जवाब में साउथ अफ्रीका की पहली पारी भारत ने जसप्रीत बुमराह के पांच विकेट के दम पर 210 रन पर समेट दी थी. इस तरह भारत को 13 रन की मामूली बढ़त मिली और फिर भारतीय टीम दूसरी पारी में 198 रन ही बना सकी, जिसमें रिषभ पंत का शतक शामिल था. इस तरह साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 212 रन का लक्ष्य मिला था.

इधर दक्षिण अफ्रीका के कीगन पीटरसन और मार्को यान्सिन सीरीज से 2 सबसे बड़े सितारे बनकर उभरे. 21 साल के बाएं हाथ के युवा तेज गेंदबाज मार्को यान्सिन ने सीरीज से टेस्ट करियर की शुरुआत की. उन्होंने पहली ही सीरीज में अपना दम दिखाया. उन्होंने 103.3 ओवर में 16 की औसत से 19 विकेट झटके. वे सीरीज के दूसरे सबसे सफल गेंदबाज रहे. 31 रन देकर 4 विकेट उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा.

वे भारत के सीनियर गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी से भी अधिक विकेट लेने में सफल रहे. बुमराह ने सीरीज में 12 जबकि शमी ने 14 विकेट झटके. अंतिम टेस्ट में यान्सिन ने 7 विकेट झटके और जीत में अहम योगदान दिया.

बता दें कि टीम इंडिया को इस बार अफ्रीका में सीरीज जीतने के लिए फेवरेट माना जा रहा था. सेंचुरियन टेस्ट जीतकर टीम ने इस बात को सही साबित भी किया, लेकिन इसके बाद जोहान्सबर्ग और केपटाउन में हार के चलते टीम सीरीज पर कब्जा नहीं जमा सकी. 1992 में भारत ने पहली बार अफ्रीका का दौरा किया था और अभी तक 29 सालों में वहां एक बार भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाया है.

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