खोज-आविष्कार

IIIT-Hyderabad का ये मॉडल करेगा कोविड -19 के परिणाम की भविष्यवाणी

iit-hyderabad
Spread It

ऐसे समय में जब देश एक गंभीर कोविड के संकट से जूझ रहा है, Information Technology Hyderabad (IIIT H) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा मॉडल बनाया है जो स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने में मदद कर सकता हैं। IIIT H के शोधकर्ता, रिस्क और मोर्टेलिटी प्रेडिक्शन के आधार पर स्वास्थ्य के लिए एक Mortality Prediction Model लेकर आए हैं। यह Intel Corp द्वारा फंडेड एक जॉइंट प्रोजेक्ट है।

CSIR-IGIB (Council of Scientific and Industrial Research – Institute of Genomics and Integrative Biology) के साथ-साथ इसकी Pandemic Response Technology Initiative के तहत, IIITH के शोधकर्ताओं ने इस मशीन लर्निंग मॉडल का उपयोग जोखिम को वर्गीकृत करने और भारतीय रोगियों में मृत्यु दर की भविष्यवाणी करने के लिए किया है।

मशीन लर्निंग-आधारित एल्गोरिदम जो COVID-19 रोगियों के डेटा का विश्लेषण करते हैं और रोग का निदान करते हैं, पूरी तरह से नावेल नहीं हैं। शोधकर्ताओं के अलग-अलग समूहों ने चरों की उम्र और रक्त के नमूनों से प्राप्त बायोमार्कर के आधार पर मृत्यु दर मॉडल तैयार किए हैं। सबसे पहले, शोधकर्ताओं ने भारतीय डेटासेट पर न्यूरल नेटवर्क का परीक्षण किया। इसमें पाया गया कि भारतीय मृत्यु दर की भविष्यवाणी केवल 58% की सटीकता के साथ की जा सकती है।

इन साक्ष्य को मृत्यु दर को steroid के उपयोग से जोड़ा गया। यह भारत सरकार द्वारा steroid और immunosuppressant drugs के उपयोग को अनिवार्य करने वाले प्रारंभिक उपचार प्रोटोकॉल के अनुरूप है। मरीजों के रिस्क की भविष्यवाणी करना, अर्थात, यदि वे हाई रिस्क या लो रिस्क वाले हैं, तो रेस्पिरेटरी सम्बन्धी सहायता के आधार पर, दुर्लभ संसाधनों को प्रभावी ढंग से आवंटित करने के लिए यह महत्वपूर्ण है।