खोज-आविष्कार

बिहार में मिला ख़जाना, बदल सकती है बिहार की हालत

Mining
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बिहार-झारखंड के विभाजन के बाद जब बिहार के हिस्से में खेती और झारखण्ड के हिस्से में कल-कारखाने और खनिज पदार्थ चले जाने के बाद बिहार को खासी मेहनत कर खुद को ऊपर उठना पड़ा। लेकिन अब 21 सालों बाद बिहार के हाथ 1-2 नहीं बल्कि 3 खजाने हाथ लगे हैं। जी हां, बिहार में Potash, Chromium और Nickel के भंडार मिले हैं। बिहार के औरंगाबाद (Aurangabad) और गया (Gaya) में पोटाश (Potash) और Rohtas में क्रोमियम (Chromium) और निकेल (Nickel) की भारी मात्रा में मौजूदगी मिली है। भारत सरकार द्वारा इसकी पुष्टि की गयी है। बिहार सरकार को इसकी खुदाई (Mining) के लिए हरी झंडी दे दी गयी है।

पोटाश के आधार पर बिहार में खाद उद्योगों की क़तार विकसित हो सकती है। इसी तरह क्रोमियम और निकेल के आधार पर इस्पात (steel) उद्योगों के लिए तैयार होने वाले उत्पादों की क़तार भी विकसित हो सकती है। कई बड़े-बड़े उद्योगों के लिए भी प्रोडक्ट तैयार हो सकते हैं। जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था का चक्र विकसित होने से उद्योगों की शृंखला तैयार हो सकती है।

बुधवार 8 सितंबर को नई दिल्ली में खनिजों की खोज पर आधारित उच्चस्तरीय बैठक में बिहार को खनन के लिए चार ब्लॉक अलॉट किये गए। इनमें औरंगाबाद और गया में पोटाश के 1-1 ब्लॉक, साथ ही रोहतास जिले में क्रोमियम और निकेल के लिए 1-1 माइनिंग ब्लॉक हैं। केंद्रीय खनन मंत्री प्रह्लाद जोशी (Union Mining Minister Prahlad Joshi) ने बिहार के खान मंत्री जनक राम (Janak Ram) को चारों खनिज ब्ल़ॉक से संबंधित बुकलेट सौंपे गए। इस मौके पर बिहार के खान सचिव हरजीत कौर बाम्हरा (Harjot Kaur Bamhrah) भी मौजूद थीं।

बिहार के खान मंत्री जनक राम (Janak Ram) ने बताया कि बिहार के लिए इन तीन खनिजों के चार ब्लॉकों का मिलना बड़ी उपलब्धि है। इन चारों ब्लॉक की नीलामी के लिए जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहा कि इससे न सिर्फ प्रदेश में रोजगार में बढ़ावा होगा, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था और भी मजबूत होगी। इन खनिजों के भंडार मिलने से बिहार देश के खनिज नक़्शे पर दिखने लगा है। और जिससे आने वाले दिनों में हजारों की संख्या में रोजगार पैदा हो सकते हैं।