विज्ञान-अंतरिक्ष

DRDO ने विकसित किया ये अद्भुत धातु

drdo
Spread It

Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने स्वदेशी रूप से इंडस्ट्रियल पैमाने पर High Strength Beta Titanium मिश्र धातु विकसित की है। इसे DRDO की हैदराबाद स्थित एक प्रमुख प्रयोगशाला, Defence Metallurgical Research Laboratory (DMRL) द्वारा विकसित किया गया है।

इन मिश्र धातुओं का उपयोग हाल के दिनों में कई विकसित देशों द्वारा वजन बचत प्राप्त करने के लिए Nickel-Chromium-Molybdenum स्ट्रक्चरल स्टील्स के लाभकारी विकल्प के रूप में किया जा रहा है। हाई स्ट्रेंथ-तो-वेट रेसिओ Ti-10V-2Fe-3Al मिश्र धातु की सहनशीलता एयरोस्पेस ऍप्लिकेशन्स के लिए कंपोनेंट्स के निर्माण की सुविधा प्रदान करती है।

हाई स्ट्रेंथ बीटा टाइटेनियम अलॉय अपनी हाई स्ट्रेंथ, लचीलापन, थकान और फ्रैक्चर टफनेस के कारण अद्वितीय हैं, जो उन्हें एयरक्राफ्ट स्ट्रक्चरल ऍप्लिकेशन्स के लिए तेजी से आकर्षक बनाते हैं। इसके अलावा, स्टील्स की तुलना में सुपीरियर करोजन रेजिस्टेंस के कारण उनकी रेलटीवेली लोअर लाइफटाइम कॉस्ट, भारत में भी इस महंगी सामग्री के उपयोग को सही ठहराने के लिए एक प्रभावी व्यापार है।

Aeronautical Development Agency (ADA) ने 15 से अधिक स्टील कंपोनेंट्स की पहचान की है जिन्हें निकट भविष्य में 40% वजन बचत की क्षमता के साथ Ti-10V-2Fe-3Al मिश्र धातु फोर्जिंग द्वारा रिप्लेस किया जा सकता है।