चर्चित व्यक्ति

Pinarayi Vijayan : पिनराई विजयन ने दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की, जानिए इनके अब तक का जीवन

panerai vijyan
Spread It

सीपाईएम के वरिष्ठ नेता पिनराई विजयन ने दूसरी बार केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। उन्हें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पद की शपथ दिलाई। समारोह में कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया गया था। विजयन के अलावा राज्यपाल ने 20 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई।

नए मंत्रिमंडल में सिर्फ विजयन खुद ही पुराने चेहरे हैं। केरल की पिछली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहीं केके शैलजा को इस बार कैबिनेट में शामिल नहीं किया गया।

एलडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले अलप्पुझा में पिनरई विजयन और मनोनीत मंत्रियों ने 1940 के दौरान हुए कामकाजी वर्ग के पुन्नापरा-वायलार आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। विजयन सबसे पहले वायलार में स्थित एक स्मारक पर गए और पार्टी कार्यकर्ताओं के नारों के बीच शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की।

नये मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री को छोड़कर पुराने चेहरों में केवल जेडीएस नेता के. कृष्णनकुट्टी और एनसीपी नेता ए के शशींद्रन शामिल हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन में प्रमुख साझेदार माकपा और भाकपा ने इस बार पिछली सरकार के किसी भी मंत्री को बरकरार नहीं रखने का फैसला किया है।

पहली बार मंत्री बनने वालों में डीवाईएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विजयन के दामाद पी ए मोहम्मद रियास, माकपा के कार्यवाहक राज्य सचिव ए विजयराघवन की पत्नी आर बिंदु (दोनों माकपा), जी आर अनिल, चिंचू रानी तथा पी प्रसाद (सभी भाकपा) तथा अहमद देवरकोविल (आईएनएल) शामिल हैं।

केरल के इतिहास में पहली बार कोई ससुर और दामाद विधानसभा तथा मंत्रिमंडल में साथ होंगे. पेशे से प्रोफेसर बिंदु त्रिशूर की पहली महिला मेयर रह चुकी हैं।

राजनैतिक पद

  • विजयन राज्य अध्यक्ष और केरल छात्र संघ के सचिव तथा केरल राज्य यूथ फेडरेशन (KSYF) के अध्यक्ष थे।
  • विजयन ने केरल राज्य के सह अध्यक्ष ऑपरेटिव बैंक के रूप में कार्य किया।
  • 1970, 1977, 1991 और 1996 में केरल में विधानसभा के लिए चुने गए।
  • 1996 और 1998 के बीच इन्होंने केरल सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया।

जीवन

  • 21 मार्च 1944 को कन्नूर जिले के पिन्नारई गांव में विजयन का जन्म हुआ था।
  • उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा पिन्नारई से करने के बाद एक साल तक एक बुनकर के रुप में काम किया।
  • विजयन ने गवर्नमेंट ब्रेनन कॉलेज थलासेरी से ग्रेजुएशन किया।
  • छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले विजयन ने 1964 में कम्यूनिस्ट पार्टी ज्वाइन की।
  • पिन्नारई विजयन 1996 से लेकर 1998 तक केरल सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं।
  • पी. विजयन साल 2002 से CPI(M) पोलित ब्यूरो के सदस्य हैं।
  • विजयन अभी कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) के केरल यूनिट के महासचिव हैं।
  • इससे पहले विजयन चार बार, 1970, 1977, 1991 और 1996 में विधायक रह चुके हैं।
  • अच्युतानंद और विजयन के बीच 2006 से ही कोल्ड वॉर चल रही है।
  • 26 मई 2007 को सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के चलते अच्युतानंद और विजयन दोनों को पोलित ब्यूरो से बाहर कर दिया गया था. हालांकि बाद में दोनों का निलंबन रद्द कर दिया गया।

Kiren Rijiju : 13,000 खिलाड़ियों और कोचों को मिलेगा इतने लाख का बीमा कवर