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Happy Birthady M Venkaiah Naidu : मद्रास के नेल्लोर से भारत के उपराष्ट्रपति बनने तक का सफर

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एम वेंकैया नायडू (Muppavarapu Venkaiah Naidu) यानी भारत के वर्तमान वाईस प्रेसिडेंट (Vice President)। Venkaiah Naidu इंडियन पॉलिटिक्स के जाने माने शख्स हैं। देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू आज, 1 जुलाई को 72 साल के हो गए हैं। मद्रास राज्य का नेल्लोर जिले के चावतापलेम में जन्मे और आज देश के उपराष्ट्रपति के रूप में कार्यरत हैं।

तो आइये जानते हैं देश के उपराष्ट्रपति Venkaiah Naidu के उपराष्ट्रपति बनने तक के सफ़र को और इसके साथ ये भी जानते हैं कि आज के दिन इतिहास के पन्नो में क्या क्या चीज़ें दर्ज़ है:

वेंकैया नायडू का जन्म 1 जुलाई सन 1949 में आँध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में चावतापलेम नामक ग्राम में हुआ।

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा नेल्लोर के वी. आर. हाई स्कूल से की और वी आर कॉलेज से Political में Graduation किया। इसके बाद उन्होंने विशाखापटनम के आंध्र यूनिवर्सिटी ऑफ़ कॉलेज एंड लॉ से Law की डिग्री प्राप्त की।

इनके पिता का नाम रंगैया नायडू और माता का नाम रामानम्मा था। ये एक समृद्ध परिवार से ताल्लुक़ रखते हैं। बचपन से ही इनकी रूचि राजनीति समझने में रही थी। इसी वजह से इन्होने उच्च शिक्षा के लिए राजनीती को ही चुना।

कॉलेज के दिनों में ये दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में स्वयंसेवक भी रहे। इसके साथ ही इन्होंने छात्र राजनीति में भी अपना कदम रखा।

ये अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य भी रहे। इन्हें स्टूडेंट यूनियन के रूप में अध्यक्ष का पद प्राप्त हुआ। और यहीं से इनके पॉलिटिकल करियर की भी शुरूआत हुई।

साल 1972 में जय आन्ध्र आन्दोलन से इन्हें एक राजनीतिक पहचान मिली और ये लोगों की नज़रों में आये। हालांकि इस आन्दोलन का नेतृत्व ककनी वेंकट रत्नम कर रहे थे।

इस आन्दोलन में नायडू बहुत सक्रिय रहे और वे तब तक इससे जुड़े रहे जब तक ये पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ।

साल 1974 में नायडू ने जय प्रकाश नारायण के भ्रष्टाचार मुक्ति अभियान में आन्ध्र प्रदेश के छात्र संघर्ष समिति के संयोजक के रूप में भी काम किया।

इंदिरा गाँधी द्वारा लगाए गये आपातकाल के दौरान इन्होने सड़क पर होने वाले आन्दोलनों में भाग लिया और जेल भी गए।

इन्होने छात्र राजनीति के बाद उच्चस्तरीय राजनीति में एक सफल प्रवक्ता के रूप में काम किया।

इनको इनके शब्दों पर इतनी पकड़ थी कि किसान और पिछड़ी जाति के लोग इनपर काफी भरोसा करते थे। अपनी राजनीतिक क्षमताओं के बदौलत आंध्रप्रदेश विधानसभा में उदयगिरी विधानसभा क्षेत्र ये दो बार ( 1978 और 1983) विधयाक पद से नियुक्त किये गए थे। इस तरह ये आन्ध्रप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के एक मशहूर नेता बन गए थे।

साल 1988- 93 के बीच आन्ध्र प्रदेश क्षेत्र के बीजेपी अध्यक्ष बने, फिर साल 1993-2000 तक बीजेपी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और इसी समय बीजेपी पार्लियामेंट्री बोर्ड के महासचिव भी बने।

साल 1999 में लोकसभा चुनाव जीतने के केंद्र सरकार के कैबिनेट में शामिल हुए और ग्रामीण विकास मंत्रालय का कार्यभार संभाला।

साल 2002 में इन्होने जाना कृष्णमूर्ति के स्थान पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यभार भी संभाला।

साल 2014 में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद इन्होने शहरी विकास मंत्री के रूप में अपना कार्य संभाला।

नायडू की खुद की एक संस्था है जिसका नाम है ‘स्वर्ण भारत ट्रस्ट’। यह ट्रस्ट ग़रीबों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करती है और युवाओं के लिए सेल्फ एम्प्लॉयमेंट ट्रेनिंग देने का कार्य भी करती है।

इतिहास के पन्नो में दर्ज़ आज के दिन :

आज ही के दिन साल 1781 ब्रिटिश सेना और हैदर अली के बीच युद्ध हुआ था।

साल 1852 ‘सिंध डाक’ नामक डाक टिकट जारी किया गया था।

साल 1862 को आज ही के दिन कलकत्ता उच्च न्यायालय का उद्घाटन हुआ।

भारत में पोस्टकार्ड की शुरुआत साल 1879 में हुई थी।

इम्पीरियल बैंक का नाम बदल कर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया रख दिया गया। और फिर 1 जुलाई को SBI की स्थापना हुई।