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Virtual Water Flow : अब भारत में पानी की कमी की समस्या होगी दूर

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पानी, हमारे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसके बिना किसी भी प्राणी का जीवन संभव नहीं है। धरती पर तीन-चौथाई पानी होने के बावजूद भी पानी की कमी रहती है। लोगों को ढंग से पीने के लिए पानी नहीं मिलता है। भारत में पानी की कमी के मुद्दे को हल करने का एक तरीका ईजाद किया गया है। Indian Institute of Technology Guwahati (IIT Guwahati) के रिसर्चर्स ने ‘Virtual Water Flow’ नामक प्रक्रिया का आविष्कार किया है।

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो बेहतर जल प्रबंधन नीतियों को विकसित करने और भारत में पानी की कमी के मुद्दे को हल करने में मदद करेगी। यह रिसर्च IIT Guwahati के Department of Humanities and Social Science के प्रोफेसर Dr Anamika Barua ने स्पेन के University of Zaragoza के वैज्ञानिकों के साथ किया गया था।

यह अध्ययन पहले भारत के विभिन्न राज्यों के बीच चल रहे कृषि उत्पादों में छिपे वाटर फ्लो का विश्लेषण करके पानी की कमी पर विज्ञान-नीति के अंतर को संबोधित करता है। इसके बाद देश में पानी की कमी को कम करने के लिए ज्ञान और शासन में अंतराल को समझने के लिए इसे क्षेत्रीय पानी की कमी की स्थिति और जल नीति के कुछ मौजूदा तत्वों से जोड़ा जाता है।

Virtual Water (VW) फ़ूड और नॉन-फ़ूड वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन और व्यापार में शामिल पानी है। यह वह ‘अदृश्य’ पानी है जिसका उत्पाद या सेवा के पूरे लाइफ साइकिल में उपभोग किया गया है। VW की कांसेप्ट को पहली बार 1990 के दशक में यह समझने के लिए कल्पना की गई थी कि कैसे जल-तनाव वाले देश, लोगों को भोजन, कपड़े और आश्रय जैसे पानी-गहन उत्पादों जैसे आवश्यक सामान प्रदान कर सकते हैं।