योजना-परियोजना

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर, जानें इसके फायदे

PM-MODI
Spread It

विश्व जल दिवस (World Water Day) के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने ‘जल शक्ति अभियान’ की शुरुआत की। साथ ही केन बेतवा लिंक परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश(Uttar Pradesh) व मध्यप्रदेश(Madhya Pradesh) के बीच हस्ताक्षर किया गया।

केन-बेतवा नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Chauhan) और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ(Yogi Adityanath) ने समझौता ज्ञापन(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट(Ken-Betwa Link Project) में नदियों में आने वाले अतिरिक्त पानी को ‘नदी जोड़ो प्रोजेक्ट’ के तहत सूखे या कम पानी वाले इलाकों में पहुंचाया जाना था। यह प्रोजेक्ट जल संकट की परेशानी झेल रहे बुंदेलखंड के लिए किसी उपहार जैसा है।

इस प्रोजेक्ट से सबसे अधिक फायदा उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां पानी की कमी से जनजीवन प्रभावित है।

ये क्षेत्र हैं मध्यप्रदेश का बुंदेलखंड (Bundelkhand), पन्ना (Panna), टिकमगढ़ (Tikamgarh), छतरपुर (Chhatarpur), सागर (Sagar), दामोह (Damoh), दतिया (Datia), विदिशा (Vidisha), शिवपुरी (Shivpuri) और रायसेन (Raisen) वहीं उत्तर प्रदेश का बांदा (Banda), महोबा (Mahoba), झांसी (Jhansi), ललितपुर (Lalitpur))।

राष्ट्रीय नदी विकास एजेंसी (NWDA) द्वारा देश में प्रस्तावित 30 नदी जोड़ो परियोजनाओं में से एक केन-बेतवा लिंक परियोजना भी है।

इसकी अनुमानित लागत लगभग 45000 करोड़ है, जिसका 90 फीसद केंद्र सरकार वहन करेगी।

इस परियोजना में केन नदी से बेतवा नदी में पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए दाऊधन डैम बनाया जाएगा और एक नहर के जरिए दोनों नदियों को जोड़ा जाएगा।

मध्य प्रदेश में छतरपुर व पन्ना जिलों की सीमा पर केन नदी के मौजूदा गंगऊ बैराज के अपस्ट्रीम में 2.5 किमी की दूरी पर डोढ़न गांव के पास एक 73.2 मीटर ऊंचा ग्रेटर गंगऊ बांध बनाया जाएगा।

कंक्रीट की 212 किमी लंबी नहर द्वारा केन नदी का पानी उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में बेतवा नदी पर स्थित बरुआ सागर में डाला जाएगा।

इस परियोजना से सिंचाई समेत पेयजल और जलविद्युत का लाभ मिलेगा।

प्रति वर्ष 10.62 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी और लगभग 62 लाख लोगों के लिए पेयजल आपूर्ति होगी। इसके अलावा 103 मेगावाट जलविद्युत का उत्पादन होगा।

Add Comment

Click here to post a comment