योजना-परियोजना

इन धर्मस्थलों को और समृद्ध बनाएंगे PM Modi

somnath mandir
Spread It

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देश वासियों को उस मंदिर का सौगात दिया हैं जिसे कई बार छती पहुँचाया गया। और वो मंदिर है सोमनाथ (Somnath) । ये वहीं मंदिर है जिसके इतिहास के बारे में कहा जाता है कि इसकी उत्पत्ति जगत की उत्पति जितनी पुरनी है। शासकों के बदलने पर इस मंदिर को कई बार तोड़ा गया तो कई बार जोड़ा भी गया। गुजरात के काठियावाड़ क्षेत्र में समुद्र के किनारे बसा सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों से एक है। और आज इसी मंदिर को पूरी तरह से Re-construct करवा कर प्रधानमंत्री ने देशवासियों को समर्पित किया है और इसके साथ साथ सीता मंदिर का शिलान्यास, सोमनाथ सैरगाह और सोमनाथ एक्सिबिशन सेण्टर का भी उद्घाटन किया गया हैं।  

ऐसा कहा जाता है कि सोमनाथ मंदिर में शिवलिंग हवा में स्थित था। जानकारों के मुताबिक ये वास्तुकला का एक नायाब नमूना था। इसका शिवलिंग चुम्बक की शक्ति से हवा में ही स्थि‍त था। जिसे देख कर महमूद गजनबी हैरान हो गया  था। महमूद गजनवी ने सन् 1026 में कुछ 5,000 साथियों के साथ सोमनाथ मंदिर पर हमला किया, उसकी संपत्ति लूटी और उसे नष्ट कर दिया। तब मंदिर की रक्षा के लिए निहत्‍थे हजारों लोग मारे गए थे। ये वे लोग थे, जो पूजा कर रहे थे या मंदिर के अंदर दर्शन लाभ ले रहे थे और जो गांव के लोग मंदिर की रक्षा के लिए निहत्थे ही दौड़ पड़े थे। इसके बाद गुजरात के राजा भीमदेव और मालवा के राजा भोज ने इसका पुनर्निर्माण कराया। और इसके गर्भगृह को पत्थरों से बंधवाया था।

सन् 1297 में सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति नुसरत खां ने गुजरात पर हमला किया तो उसने सोमनाथ मंदिर को दुबारा तोड़ दिया और सारी धन-संपदा लूटकर ले गया। मंदिर को फिर से हिन्दू राजाओं ने बनवाया। लेकिन सन् 1395 में गुजरात के सुल्तान मुजफ्‍फरशाह ने और 1412 में उसके बेटे अहमद शाह ने मंदिर को फिर से तुड़वाकर सारा चढ़ावा लूट लिया। ऐसे ही कई बार इस मंदिर को तोड़ने और लूटने का शिलशिला चलता रहा। और वैसे ही हिन्दू राजाओं द्वारा इसको पूर्णस्थापित करने का काम चलता रहा।  

भारत की आजादी के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने समुद्र का जल लेकर नए मंदिर के निर्माण का संकल्प लिया। उनके संकल्प के बाद 1950 में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ। 6 बार टूटने के बाद 7वीं बार इस मंदिर को कैलाश महामेरू प्रासाद शैली में बनाया गया और 1 दिसंबर 1995 को भारत के राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया। और आज इस मंदिर को Re-Construct करवा कर देश को समर्पित किया है। जिसे देश में धार्मिक टूरिज्म को मजबूती मिलेगी। पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल इवेंट में सोमनाथ से जुड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस मौके पर बीजेपी के दिग्गज नेता रहे लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) , गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), गुजरात के CM विजय रूपाणी (Vijay Rupani) और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद रही। लाल कृष्ण आडवाणी, नरेंद्र मोदी और अमित शाह सोमनाथ मंदिर के ट्रस्ट से जुड़े हुए हैं।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर के दर्शन के लिए दुनिया भर से लोग आते रहे हैं। लेकिन अब यहां लोग समुद्र दर्शन समेत कई अन्य चीजों के भी दर्शन कर सकेंगे। यहां अब लोग पार्वती मंदिर और जूना सोमनाथ मंदिर के भी दर्शन कर सकेंगे। इससे लोगों के बीच रोजगार के नए अवसर आयेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ने सोमनाथ एग्जिबिशन गैलरी का भी लोकार्पण किया। इससे युवाओं को इतिहास से जुड़े और आस्था को प्राचीन स्वरूप में देखने का भी अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर की 83 करोड़ रुपए की चार परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पार्वती देवी मंदिर का भी शिलान्यास किया। पिछले कई वर्षों में सोमनाथ मंदिर के चारों ओर नए मंदिरों का निर्माण किया गया है। 30 करोड़ रुपए की लागत से सोमनाथ मंदिर परिसर में भव्य शक्ति पीठ पार्वती मंदिर बनाने का निर्णय लिया गया है। ऐसा माना जाता है कि देवी पार्वती का मंदिर यज्ञ मंडप के पास स्थित था। इसी के चलते मंदिर का निर्माण उसी जगह करवाया जा रहा है। पार्वती मंदिर का सफेद संगमरमर से निर्माण होगा। इसमें सोमपुरा सलात शैली में मंदिर का निर्माण, गर्भ गृह और नृत्य मंडप का विकास करना शामिल होगा।

इसके साथ एक एग्जिबिशन केंद्र भी सोमनाथ परिसर में तैयार किया गया है। यहां सोमनाथ मंदिर के प्राचीन खंडित अवशेष रखे गए हैं। इसके साथ यहां सोमनाथ मंदिर की ऐतिहासिक घटनाओं को दर्शाने वाले साहित्य भी प्रदर्शनी के लिए रखे गए हैं। यह संग्रहालय आदि ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली अतीत से श्रद्धालुओं को परिचित करवाएगा।

इसके साथ साथ पीएम मोदी ने समुद्र किनारे बना वॉक वे का भी उद्घाटन किया। जिसकी नींव दिसंबर में गृह मंत्री अमित शाह ने रखी थी। इसकी लंबाई 1.48 किलोमीटर है। इसे समुद्र दर्शन पथ नाम दिया गया है। इसे मुंबई के मरीन ड्राइव की तर्ज पर बनाया गया है। इस पर करीब 45 करोड़ का खर्च आया है। इसके जरिए अरब सागर के किनारे पर्यटकों को रोमांचक सैर करने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं समुद्र से होने वाला तट का कटाव भी रुकेगा। प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किये गए इन प्रोजेक्ट्स से देश में टूरिस्म को बढ़ावा मिलेगा और देश में रोजगार के अवसर भी आएंगे।