योजना-परियोजना

National Automobile Scrappage Policy : अब आपकी पुरानी और रद्दी गाड़ी भी देगी कमाई

National Automobile Scrappage Policy
Spread It

भारत को under developing से Developed Country बनने के लिए कई सेक्शंस में आगे बढ़ना होगा। चाहे वो इंफ्रास्ट्रक्चर हो, IT sector हो, industrialization हो, या फिर देश का GDP, और इनसब के लिए सबसे ज्यादा कुछ important है तो वो है देश के लिए निवेश। देश में निवेश के आने से देश में रोजगार बढ़ता है देश के इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होते हैं। इसी के लिए पीएम मोदी (PM Modi) ने आज नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपिंग पॉलिसी (National Automobile Scrappage Policy) को लॉन्च किया है। पीएम मोदी ने इस पॉलिसी के लॉन्च के दौरान बताया कि कैसे स्क्रैपिंग पॉलिसी भारत के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है। इस पॉलिसी से ना सिर्फ ऑटो और मेटल इंडस्ट्री Bost-Up होगा, बल्कि कामगारों को भी बहुत फायदा होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई National Automobile Scrappage Policy की शुरुआत की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गुजरात में Investor Summit में शामिल हुए प्रधानमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नीतिन गडकरी और गुजरात सीएम विजय रूपाणी की मौजूदगी में इस नई पॉलिसी को लॉन्च किया। पॉलिसी लॉन्च करने के बाद गुजरात इन्वेस्टर समिट में अपने भाषण में प्रधामंत्री ने बताया कि ये पॉलिसी देश के ऑटो क्षेत्र को एक नई पहचान देगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

पिछले साल करीब 23 हजार करोड़ रुपये का scrap steel भारत को Import करना पड़ा। क्यूंकि भारत में जो अभी तक स्क्रैपिंग होती आ रही है वो प्रोडक्टिव नहीं है, जिसकी एनर्जी रिकवरी ना के बराबर होती है। जिससे कीमती मेटल रिकवरी समय पर नहीं हो पाती है। इसी को देखते हुए साइंटिफिक टक्नोलॉजी पर आधारित स्क्रैपिंग से बहुत फायदा होगा और समय पर काम पूरा भी होगा। देश में अनफिट वाहनों को एक वैज्ञानिक तरीके से हटाने में ये नीति बहुत बड़ी भूमिका निभाएगी। ये नीति देश में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का नया निवेश लाएगी और साथ ही हजारों रोजगार का निर्माण करेगी।

नेशनल ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज पॉलिसी के लॉन्च से आत्मनिर्भर भारत को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही ऑटो मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी वैल्यू चेन के लिए भारत को कम से कम इंपोर्ट पर निर्भर रहने की भी जरूरत है।

पॉलिसी के फायदे –

इस पॉलिसी के आने से कार खरीदने वालों को फायदा होगा। नई पॉलिसी के तहत स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट दिखाने पर नई गाड़ी खरीदते वक्त 5% छूट दी जाएगी। साथ ही गाड़ी स्क्रैप करने पर कीमत का 4-6 फीसदी कार मालिक को दिया जाएगा। इसके साथ ही नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन के वक्त रजिस्ट्रेशन फीस माफ भी कर दी जाएगी।

इस पॉलिसी के आने से नई गाड़ी लेने पर रोड टैक्स में 3 साल के लिए 25% तक छूट की बात कही गई है। राज्य सरकारें प्राइवेट गाड़ियों पर 25% और commercial गाड़ियों पर 15% तक की छूट दे सकते हैं।

इस पॉलिसी में डीजल और पेट्रोल के प्राइवेट वाहनों के लिए 20 साल तक चलने की इजाजत दी गई है। 20 साल से अधिक पुराने प्राइवेट व्हीकल यदि ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल हो जाते हैं या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रिन्यू नहीं कराते हैं तो 1 जून 2024 से खुद से रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाएगा। फिटनेस में फेल होने पर गाड़ीयों को स्क्रैप किया जायेगा। साथ ही प्राइवेट वाहनों को सुधार का एक मौका भी दिया जाएगा। और इसके बाद भी जब फिटनेस में अगर वो गाडी फेल हो होती है तो फिर गाड़ी स्क्रैप करनी पड़ेगी। 1 अप्रैल से 2023 से 15 साल पुराने कमर्शल व्हीकल का रजिस्ट्रेशन समाप्त हो जाएगा।

सरकार के मुताबिक गाड़ियों को स्क्रैप करने के लिए पीपीपी आधार पर ऑटोमैटिक टेस्ट सेंटर और स्क्रैप सेंटर खोले जाएंगे। अगर कोई वाहन इस ऑटोमैटिक टेस्ट को पास करने में नाकाम रहता है तो उसे सड़कों से हटाना पड़ेगा या भारी जुर्माना भी भरना पड़ेगा।

और जब लोग पुरानी गाड़ियां स्क्रैप करेंगे और नई गाड़ियां खरीदेंगे तो इससे सरकार को सालाना करीब 40 हजार करोड़ का GSTआएगा। जिससे देश के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी।

बता दें कि इस नई पॉलिसी में विंटेज कारों को शामिल नहीं किया जाएगा। इस पॉलिसी के दायरे में 20 साल से ज्यादा पुराने लगभग 51 लाख LMV यानी Light Motor Vehicle और 15 साल से अधिक पुराने 34 लाख अन्य LMV आएंगे। इसके अंडर 15 लाख मीडियम और हैवी मोटर वाहन भी शामिल है जो 15 साल से ज्यादा पुराने हैं और वर्तमान में इन गाड़ियों के पास फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं है।

ये पॉलिसी, देश के शहरों से प्रदूषण कम करने और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ तेज विकास की कमिटमेंट को भी दर्शाती है। पुरानी गाड़ियों के पुरानी टेक्नॉलॉजी के कारण रोड एक्सीडेंट का खतरा बहुत अधिक रहता है और इस पॉलिसी के आने से देश में अब रोड एक्सीडेंट में भी कमी आएगी।