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World Environment Day 2021 : प्रकृति, ईश्वर की एक अमूल्य देन

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प्रकृति, ईश्वर की एक अमूल्य देन है। पेड़-पौधे, नदियां, जंगल, जमीन, पहाड़ आदि जीवन के लिए बहुत ही जरूरी हैं।


हर साल 5 जून को दुनियाभर में World Environment Day यानी की “विश्व पर्यावरण दिवस” मनाया जाता है।


विश्व पर्यावरण दिवस मनाने के पीछे की अवधारणा पर्यावरण के महत्व पर ध्यान केंद्रित करना और लोगों को यह याद दिलाना है कि प्रकृति को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।


यह दिन दुनिया भर में पर्यावरण द्वारा मानव जाति को दी गई हर चीज का सम्मान करने, स्वीकार करने और इसकी रक्षा करने की प्रतिज्ञा लेने के लिए मनाया जाता है।


पर्यावरण दिवस की शुरुआत साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा स्वीडन की राजधानी Stockholm में हुई थी।


इसी दिन यहां पर दुनिया का पहला पर्यावरण सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें भारत की ओर से तात्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने भाग लिया था।


इस सम्मेलन के दौरान ही United Nations Environment Programme (UNEP) की भी नींव पड़ी थी।


पहला विश्व पर्यावरण दिवस 1974 में मनाया गया था, जो पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करता है।

विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है।


इस दिन कई कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को पर्यावरण और प्रदूषण से हो रहे नुकसान के प्रति जागरुक किया जाता है।


प्रदूषण का बढ़ता स्तर पर्यावरण के साथ ही इंसानों के लिए खतरा बनता जा रहा है। इसके कारण कई जीव-जन्तू विलुप्त हो रहे हैं, वहीं इंसान कई प्रकार की गंभीर बिमारियों का शिकार भी हो रहे हैं।

इस दिन, सरकारें, गैर सरकारी संगठन और नागरिक पर्यावरण के संरक्षण के महत्व से ऊपर जागरूकता फैलाने और पर्यावरण पर मानव गतिविधि के प्रभाव को कमकरने का प्रयास करते हैं।


इस वर्ष के World Environment Day का थीम “Ecosystem Restoration” है। जंगलों को नया जीवन देकर, पेड़-पौधे लगाकर, बारिश के पानी को संरक्षित करके और तालाबों के निर्माण करने से हम इकोसिस्टम को फिर से रिस्टोर कर सकते हैं।

इस वर्ष इकोसिस्टम रेस्टोरेशन के महत्व को उजागर करने के लिए पाकिस्तान इस दिन का ग्लोबल होस्ट है।