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World Asteroid Day : जानें क्यों महत्वपूर्ण है यह दिन

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एस्टेरॉयड लगभग 4.6 अरब साल पहले सौर मंडल के गठन से बचे चट्टानी टुकड़े हैं।

हर साल 30 जून को World Asteroid Day यानी की अंतर्राष्ट्रीय क्षुद्रग्रह ( उल्कापिंड) दिवस मनाया जाता है।

वर्ल्ड एस्टेरॉयड डे आमतौर पर एस्टेरॉयड के खतरनाक प्रभाव के बारे में जागरूकता बढ़ाने और पृथ्वी पर मंडराने वाले खतरों के उपायों पर चर्चा करने के लिए मनाया जाता है।

नासा के मुताबिक, वर्तमान में 1,097,106 क्षुद्रग्रह अंतरिक्ष में मौजूद हैं, ये हमेशा सूर्य की परिक्रमा करते हैं। ये क्षुद्रग्रह मंगल और बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को 30 जून 1908 को हुए Tunguska event की वर्षगांठ के रूप में नामित किया।

यह दिवस तुंगुस्का घटना की सालगिरह का प्रतीक है, जो अब तक पृथ्वी को प्रभावित करने वाला सबसे बड़ा एस्टेरॉयड इम्पैक्ट है।

इस दिवस की सह-स्थापना Stephen Hawking, फिल्म निर्माता Grigorij Richters, B612 फाउंडेशन के अध्यक्ष, Danica Remy, Apollo 9 अंतरिक्ष यात्री Rusty Schweickart और क्वीन के प्रमुख गिटारवादक Brian May ने की थी, जो एक खगोल भौतिकीविद् भी हैं।

दरअसल, 30 जून 1908 में रूस के साइबेरिया में तुंगुस्का नदी के पास एक बहुत बड़ा विस्फोट था। नासा के मुताबिक, आधुनिक इतिहास में पृथ्वी के वायुमंडल में एक बड़े उल्कापिंड का पहला प्रवेश तुंगुस्का घटना के रूप में ही हुआ था।

B612 नाम की संस्था पृथ्वी को क्षुद्रग्रहों के प्रभाव से बचाने की दिशा में काम करती है।

एस्टेरॉयड की खोज सबसे पहले 1801 में खगोलशास्त्री गुइसेप पियाजी ने की थी। यह अब तक खोजा गया सबसे बड़ा एस्टॉरायड बताया जाता है।

सबसे मशहूर एस्टेरॉयड 1 सेरेस है जिसका व्यास 952 किमी से भी अधिक है। इसके अलावा ‘2 पलास’ (544 किमी व्यास) और ‘4 वेस्टा’ 580 (किमी व्यास) का एस्टेरॉयड है।