निधन-श्रद्धांजलि

नहीं रहें नील आर्मस्ट्रॉंन्ग को चाँद की सैर कराने वाले पायलट माइकल कॉलिंस

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नील आर्मस्ट्रॉंन्ग (Neil Armstrong) को चाँद की सैर कराने वाले अपोलो-11 मिशन के पायलट और एस्ट्रोनॉट माइकल कॉलिंस (Michael collins) का 28 अप्रैल 2021 को निधन 90 वर्ष की आयु में हो गया। पूरी दुनिया उन्हें अपोलो-11 मिशन के लिए ही जानती थी। उन्होंने ही Apollo-11 मिशन को चांद पर सफलतापूर्वक उतारा था।

नील आर्मस्ट्रॉंन्ग ने चांद पर पहला कदम रखा था। उसके बाद बज एल्ड्रिन ने अपने पैर चांद की सतह पर रखे थे। माइकल कॉलिंस का एकमात्र उद्देश्य यही था कि सफलतापूर्वक अपोलो-11 को चांद की सतह पर उतारें और इसके बाद नील और बज को लेकर वापस धरती पर आ सकें। अपोलो-11 से निकलकर चांद तक जिस मॉड्यूल में नील और बज गए थे, उसका नाम द ईगल था।

आसान नहीं था चांद की सैर

अपोलो-11 अंतरिक्ष यान को 1969 में अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39A से सुबह 08:32 बजे लॉन्च किया गया था। यात्रा शुरू होते ही धरती से रेडियो संपर्क टूट गया, इसके बाद कंप्यूटर में ग्लिच आ गया और द ईगल में ईंधन की कमी भी हो गई।

नील, बज और माइकल की टीम चांद की यात्रा पूरी करने के बाद 24 जुलाई 1969 को वापस धरती पर लौटी थी. इनके लैंडिंग कैप्सूल का स्पैल्श डाउन प्रशांत महासागर मे हुआ था। अपोलो-11 मिशन को पूरा करने के लिए दुनियाभर के 40 हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी मेहनत और समय का योगदान दिया था।