निधन-श्रद्धांजलि

जिनके पैरों के घुंघरू से लोग होते थे मंत्रमुग्ध

Guru Chemancheri Kunhiraman Nair
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मशहूर कथकली उस्ताद चेमांचेरी कुन्हीरमण नायर का निधन 15 मार्च को हुआ। कथकली उस्ताद चेमांचेरी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताते हुए अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट किया है। 105 साल की उम्र में उन्होंने अपनी आखरी सांस ली। चेमांचेरी कुन्हीरमण नायर का कथकली नृत्य विधा में उनके अतुलनीय योगदान रहा है। उन्हें साल 2017 में पद्मश्री पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

कथकली नर्तक गुरु चेमांचेरी कुन्हीरमण नायर का 15 मार्च तड़के केरल के कोझिकोड जिले में कोइलांडी स्थित उनके आवास पर निधन हुआ। जून 1916 को जन्मे नायर ने 1930 में अपनी पहली प्रस्तुति दर्शकों के सामने प्रस्तुत की थी। जिसके बाद से हीं वो कई दशकों तक कथकली नृत्य को जिये और लगातार एक के बाद एक प्रस्तुतियां देकर नाम कमाते चलते रहे। लगभग पांच साल पहले उन्होंने अपनी आखिरी बार प्रस्तुति पेश की थी। वो उस दिन आखिरी बार स्टेज पर नज़र आये थे। 85 साल से भी ज्यादा समय तक उन्होंने नृत्य की प्रस्तुतियां दर्शकों के सामने दी हैं।

उनको केरल संगीत नाट्य अकादमी और केरल कलामंडलम समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका था। उन्होंने केरल में कई नृत्य स्कूलों की भी शुरुआत की थी।

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