निधन-श्रद्धांजलि

Jagmohan Malhotra : नहीं रहे भूतपूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा, इनसे डरते थे घाटी के आतंकवादी

jagmohan malhotra
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन मल्होत्रा का 3 मई को निधन हो गया। जगमोहन मल्होत्रा ने 94 की उम्र में दिल्ली में अपनी अंतिम सांस ली। इनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए इसे राष्ट्र की अपूरणीय क्षति बताया है। वो केंद्र के कई विभागों के मंत्री और कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके थे। घाटी में आतंकवाद के प्रति अपनी कड़क छवि रखने वाले जगमोहन को देश के 3 पद्म पुरुष्कारों से नवाजा गया था।

इनका जन्म 1927 में हाफिजाबाद में हुआ था जो अब पाकिस्तान में आता है।

इंदिरा सरकार द्वारा आपातकाल लगाए जाने के बाद जगमोहन को राजधानी दिल्ली को संभालने का काम सौंपा गया था।

उन्हें दिल्ली का उप-राज्यपाल भी नियुक्त किए गया था।

इसके बाद उन्हें गोवा, दमन और दीव का राज्यपाल नित किया गया था।

1990 में जब उन्हें दूसरी बार जम्मू-कश्मीर का राज्यपाल बनाया गया तब वहां आतंकवाद जोर पकड़ रहा था और कश्मीरी पंडितों का पलायन भी शुरू हो चुका था। इसे देखते हुए उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ कड़े ऐक्शन का हुक्म दिया।

उनके अनुसार आर्टिकल 370 जम्मू-कश्मीर के संभ्रांत वर्ग को फायदा पहुंचाता था जबकि इसकी आड़ में गरीब तबके का हक मारा जाता था।

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनका पहला कार्यकाल 1984 से 1989 के बीच था।

1989 में ही देश के तत्कालीन गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था। तब जगमोहन को दोबारा वहां का राज्यपाल बनाया गया। उन्होंने सुरक्षा बलों को घर-घर तलाशी लेने का आदेश दे दिया। इससे खफा तत्कालीन मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने पद से इस्तीफा दे दिया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लग गया था।