निधन-श्रद्धांजलि

Dinko Singh : नही रहें भारत के दिग्गज मुक्केबाज डिंको सिंह

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साल 1998 में एशियाई खेलों में इसको स्वर्ण पदक प्रदान करने वाले विजेता डिंको सिंह (Dinko Singh) का निधन हो गया। वे काफी लंबे समय से liver cancer से जूझ रहे थे। जिसके बाद गुरुवार यानी 10 जून को उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली। 42 साल के Dingko, साल 2017 से ही इस बीमारी से जंग लड़ रहे थे। और आखिरकार वह यह जंग हार गए और हम सबको अलविदा कह गए। Dingko निधन पर खेल जगत से लेकर कई मंत्रियों तक ने इनके निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

साल 1998 में Dingko द्वारा बैंकॉक एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारत में मुक्केबाजी का जन्म हुआ था। उन्हें उसी साल खेलों में दी जाने वाली ‘अर्जुन पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। खेलों में उनके द्वारा दिए गए योगदान के लिये उन्हें 2013 में पदम श्री से सम्मानित किया गया था। नौसेना में काम करने वाले डिंको मुक्केबाजी से संन्यास लेने के बाद कोच बन गये थे। आपको बता दें Dingko मणिपुर के रहने वाले थे। पिछले साल यह कोरोनावायरस से भी संक्रमित हुए थे।

पिछले साल 2020 में दिल्ली के Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS) में radiation therapy ली थी, जिसके बाद वह इंफाल वापस लौट गए थे। देश के पहले ओलंपिक पदक विजेता विजेंद्र सिंह ने अपने टि्वटर हैंडल से Dingko को श्रद्धांजलि दी। इनके साथ किरण रिजू ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से एक पोस्ट शेयर कर इन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति सहित कई बड़े नेताओं तथा खेल संबंधी लोगों ने इन्हें श्रद्धांजलि दी।