निधन-श्रद्धांजलि

बॉलीवुड के आसमान का एक और सितारा टूट गया, नहीं रहे मशहूर संगीत निर्देशक पद्मश्री वनराज भाटिया

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बॉलीवुड के आसमान का एक और सितारा आज टूट गया। पद्मश्री से अलंकृत संगीत निर्देशक वनराज भाटिया (Vanraj Bhatia) का 7 मई को निधन हो गया। वो 93 वर्ष के थे। उन्होंने अपने घर में ही अंतिम सांस ली। पिछले कुछ सालों से वे मेडिकल प्रॉब्लम्स से जूझ रहे थे। अपने अंतिम दिनों में आर्थिक तंगी से जूझते वनराज मुंबई के एक अपार्टमेंट में केयर टेकर के भरोसे रह रहे थे। पिछले कुछ समय से उनका स्वास्थ ठीक नहीं था। उनके घुटनों में दर्द रहता था, जिसके चलते बिस्तर से उठकर चलना-फिरना मुश्किल था। सुनाई देना लगभग बंद हो गया था और याददाश्त कमजोर हो चुकी थी।

सत्तर और अस्सी के दशक में ‘अंकुर’, ‘मंथन’, ‘भूमिका’, ‘जाने भी दो यारो’, ‘मोहन जोशी हाजिर हो’ और ’36 चौरंगी लेन’ जैसी फिल्मों के साथ ही टीवी शो ‘वागले की दुनिया’ और ‘बनेगी अपनी बात’ से उन्होंने पहचान पायी थी। वनराज जी ने 1988 में गोविंद निहलानी (Govind Nihlani) की फिल्म ‘तमस’ में अपने संगीत के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (National Award) जीता था। 1989 में क्रिएटिव और एक्सपेरिमेंटल संगीत बनाने के लिए उन्हें नागीत नाटक अकादमी ने सम्मानित किया था। 2012 में उन्हें देश का चौथा सबसे बड़ा सम्मान पद्मश्री दिया गया था।

वनराज भाटिया की मौत की खबर सुन कर बॉलीवुड के गलियारे में शोक की लहर दौड़ गयी है। सभी वनराज भाटिया की मौत पर दुःख जता रहे हैं। बॉलीवुड के कई हस्तियों ने ट्विटर के जरिए उनके जाने पर शोक व्यक्त किया है।

भाटिया की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। 2 साल पहले उन्हें अपना गुजारा करने के लिए घर के बर्तन बेचने पड़े थे। उस वक़्त उनके केयरटेकर ने इस बात की जानकारी लोगों को दी थी। उस वक्त इंडियन परफॉर्मिंग राइट सोसाइटी (आईपीआरएस) ने वनराज को आर्थिक सहायता पहुंचाई थी। मदद के बाद भी उनकी हालत बिगड़ गयी और उनका खर्च जान पहचान वालों के द्वारा मदद के तौर पर दिए गए पैसों से चल रहा था।

1927 में मुंबई में जन्मे भाटिया लंदन की रॉयल एकेडमी ऑफ म्यूजिक के गोल्ड मैडलिस्ट थे। वे दिल्ली यूनिवर्सिटी के वेस्टर्न म्यूजिक डिपार्टमेंट के इंचार्ज भी रह चुके थे। उन्होंने करीब 7 हजार विज्ञापनों के जिंगल्स और कई फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में संगीत दिया था। आर्थिक तंगी से जूझते बीमार वनराज भाटिया ने 7 मई को अंतिम सांसे ली।