पुरस्कार/सम्मान

Gandhi Peace Prize : 2019 और 2020 के लिए गांधी शांति पुरस्कार का ऐलान, ओमान के सुल्‍तान और बांग्लादेश के राष्ट्रपिता होंगे सम्मानित

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केंद्र सरकार ने पिछले दो सालों के लिए(वर्ष 2019 और वर्ष 2020) के गांधी शांति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है।

वर्ष 2019 के लिए ये पुरस्कार ओमान के सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद (मरणोपरांत) और वर्ष 2020 के लिए ये पुरस्कार बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति और बांग्लादेश के राष्ट्रपिता के रूप में पहचाने गए बंगबंधु शेख मुजिबुर रहमान (मरणोपरांत) को दिया जाएगा।

इस पुरस्कार के तहत 1 करोड़ रुपए की धनराशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

2020 गांधी शांति पुरस्कार (शेख मुजीबुर रहमान)

  • शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और महान अगुआ एवं प्रथम राष्ट्रपति थे। सामान्यत: उन्हें बंगलादेश का जनक कहा जाता है।
  • शेख मुजीबुर रहमान अवामी लीग के अध्यक्ष थे और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सशस्त्र संग्राम की अगुवाई करते हुए बांग्लादेश को मुक्ति दिलाई थी।
  • शेख मुजीबुर रहमान बांग्लादेश के प्रथम राष्ट्रपति बने और बाद में प्रधानमंत्री भी बने। वे शेख मुजीब के नाम से भी प्रसिद्ध थे।
  • उन्हें बंगबन्धु की पदवी से सम्मानित किया गया। बांग्लादेश की मुक्ति के तीन वर्ष के भीतर ही 15 अगस्त, 1975 को उनकी हत्या कर दी गई।
  • शेख मुजीबुर रहमान को बांग्लादेश में राष्ट्रपिता या मुजीब के रूप में जाना जाता है। उनकी दो बेटियों में एक शेख हसीना तख्तापलट के बाद जर्मनी से दिल्ली आईं और 1981 तक दिल्ली में रहीं तथा 1981 के बाद बांग्लादेश जाकर पिता की राजनैतिक विरासत को संभाला।

2019 गांधी शांति पुरस्कार (सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद)

  • वर्ष 2019 के लिए ओमान के (स्वर्गीय) सुल्तान कबूस बिन सैद अल सैद को गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
  • सुल्‍तान कबूस का जन्‍म 18 नवंबर 1940 को हुआ था और 10 जनवरी 2020 को उनका निधन हो गया।
  • 23 जुलाई 1970 को उन्‍होंने ओमान के सुल्‍तान की जिम्‍मेदारी संभाली और जब तक जीवित रहे, इस जिम्‍मेदारी को पूरा करते थे।
  • वह मस्‍कट और ओमान के सुल्‍तान सैद बिन तैमूर के इकलौते बेटे थे. कबूस की शिक्षा-दीक्षा इंग्‍लैंड के सफलॉक में हुई थी।

भारत सरकार के केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इसकी घोषणा की है।

गांधी शांति पुरस्कार से संबंधित जूरी की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। इसमें भारत के प्रधान न्यायाधीश एवं लोकसभा में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता जूरी के दो पदेन सदस्य होते हैं।

दो अन्य सदस्य – लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला एवं सुलभ इंटरनेशनल सोशल सíवस ऑर्गेनाइजेशन के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक – भी इस जूरी का हिस्सा हैं।

इस जूरी की 19 मार्च, 2021 को बैठक हुई थी। इसमें व्यापक विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस पुरस्कार के लिए बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान और ओमान के लंबे समय तक शासक रहे सुल्तान काबूस को चुने जाने का निर्णय लिया गया।

गांधी शांति पुरस्कार, वर्ष 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया एक वार्षिक पुरस्कार है। यह पुरस्कार राष्ट्रीयता, नस्ल, भाषा, जाति, पंथ से परे सभी व्यक्तियों के लिए है।

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