जनसंख्या एक बहुत बड़ी चुनौती है | विश्व की बढ़ती जनसंख्या व उससे पनपने वाले समस्यायों के लिए 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस के रूप में मनाया जाता है | जिसकी शुरुआत साल 1989 की संचालक परिसद द्वारा की गई थी | उस समय विश्व की जनसंख्या लगभग 500 करोड़ थी। तब से यह दिवस हर साल 11 जुलाई को मनाया जाता है। इस दिन बढ़ती जनसंख्याओं दुष्परिणाम व होने वाले खतरों के बारे में बताया जाता है | साथ ही साथ जनसंख्यां वृद्धि से होने वाले परेशानियों के बारे में लोगों को आगाह कराया जाता है |

विश्व जनसंख्या दिवस पर जगह जगह पर सभाओं का रोड शो , नुक्क्ड़ नाटक ,पेंटिंग प्रतियोगिताओं , व डिबेट का सामाजिक कार्यकर्मों आयोजन करवाया जाता है। इस समय सारा विश्व कोरोना का प्रकोप झेल रहा है, जिस वजह से इन कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है।
वर्तमान में चीन और भारत देश दुनिया के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले देश हैं | भारत के संदर्ब में ये माना जा रहा है की भारत आने वाले 5 वर्ष में चीन को पीछे छोड़कर विश्व में सबसे अधिक आबादी देश बन जाएगा। वही नाइजेरिया समूचे विश्व भर में सबसे तेज गति से जनसंख्या बढ़ोतरी करने वाला देश है | वर्ष 2050 तक इस देश का अमेरिका को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने की सम्भावना है |

इस वर्ष का थीम कोरोना महामारी के समय में दुनिया भर में महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य और अधिकारों के सुरक्षा पर आधारित है। रोजगार पर जाने वाली महिलाए असुरक्षित माहौल में काम करतीं है। कोरोना काल के दौरान भी महिलाएं इसके आर्थिक रूप से बहुत प्रभावित हुई हैं। इसे ध्यान में रखते इस वर्ष का थीम महिलाओं के उत्थान के लिए रखा गया है |

हमारे पास जो साधन है जैसे परिवहन,शिक्षा स्वास्थ्य, बिजली , पानी आदी की मात्रा सीमित है जो समस्या बनेगी।आबादी के बढ़ने से प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव बढ़ेगा और अनेक समस्याय़े खड़ी हो जायेगी। जिससे देश में छिन्न-भिन्न होने की संभावना बढ़ेगी। आज जनसंख्या रोकने के लिए।सबको शिक्षित होना चाहिये जिससे इसे कम करने में मदद मिलेगी शिक्षा के साथ-साथ जागरुकता की सख्त जरुरत है ताकि देश उनन्ति के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ा जा सके।

बाहुबली नजर आएंगे अब इस अंदाज में