केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने देश के सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में व्यावसायिक क्षमता एवं इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप से सम्बन्धित सूचनाओं को व्यवस्थित एवं एक जगह उपलब्ध कराने के उद्देश्य से युक्ति 2.0 पहल की शुरुआत की है। युक्ति 2.0 पहल को एचआरडी मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मंगलवार को किया, जिसके दौरान एचआरडी राज्य मंत्री, मंत्रालय एवं एआईसीटीई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। इसके पहले 11 अप्रैल को युक्ति (यंग इंडिया कॉमबैटिंग कोविड विथ नॉलेज, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन) वेब पोर्टल लांच किया गया था।

युक्ति पोर्टल के द्वारा कोरोनावायरस के मद्देनज़र मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा किये गए प्रयासों की निगरानी की जाएगी और उनको मेन्टेन किया जायेगा. यह पोर्टल कोरोनावायरस की वजह से सामने आ रही चुनौतियों के हर आयाम को समग्र और व्यापक तरीके से दिखायेगा। युक्ति 2.0 यह सुनिश्चित करने के लिए विकसित किया गया है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों, शिक्षकों, स्टार्टअप्स द्वारा विकसित इन प्रौद्योगिकियों / नवाचारों और शिक्षा संस्थानों के इनोवेटर्स को अपने नवाचारों के व्यावसायीकरण के लिए उपयुक्त अवसर और समर्थन मिले।

इस पोर्टल को लांच करते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा: “मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नवप्रवर्तन प्रकोष्ठ द्वारा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सहयोग से हमारे उच्चतर शिक्षा संस्थानों से सभी प्रौद्योगिकियों और स्टार्टअप संबंधित सूचनाओं को व्यवस्थित करने के लिए अपनी तरह का प्रथम राष्ट्रीय नवाचार और प्रौद्योगिकी मंच युक्ति 2.0 विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य ‘छात्रों, संकाय, हमारे उच्च शिक्षण संस्थानों के पूर्व छात्रों और उनके संबंधित इनक्यूबेटरों द्वारा बनाए गए विभिन्न तकनीकों, उत्पादों, नवाचारों और स्टार्टअप्स पर सूचनाओं का भंडार बनाकर राष्ट्रीय नवाचार और प्रौद्योगिकी डेटाबेस तैयार करना है।” केंद्रीय मंत्री ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों, छात्रों, संकाय के सदस्यों एवं स्टार्टअप और सभी हितधारकों को आमंत्रित किया कि वो इस पोर्टल पर पंजीकरण करवाएं और अपनी प्रौद्योगिकों एवं नवाचारों को इस पर प्रदर्शित करें। “इस पोर्टल के माध्यम से सभी संस्थाएं दो तरफ़ा-संचार माध्यम के द्वारा सीधे तौर पर मंत्रालय से जुड़ सकेंगे ताकि मंत्रालय उन सभी संस्थाओं को हर प्रकार की सहायता तुरंत उपलब्ध करवा सके।

उन्होनें सभी शिक्षण संस्थानों को से भी आग्रह किया कि वो अपने छात्रों को नई तकनीकी के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करें ताकि भारत में और भी ज्यादा अनुसंधान हो सकें और हम इस दिशा में भी आगे बढ़ सकें.। सभी संस्थानों, इन्क्यूबेटरों, निवेशकों एवं अन्य संगठनों से भी इस पहल में भाग लेने का आग्रह किया।