बिहार सरकार ने शुक्रवार को 30 सितंबर तक के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट, रजिस्ट्रेशन और अन्य संबंधित दस्तावेजों की वैधता बढ़ा दी है, जो फरवरी में नोवल कोरोनावायरस महामारी को देखते हुए समाप्त हो गए थे। यह दूसरी बार है जब एक्सटेंशन दिया जा रहा है। इससे पहले परिवहन विभाग के सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि वैधता को 1 फरवरी से 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सचिव ने कहा कि यह निर्णय लॉकडाउन के कारण लोगों को हुई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि उन्हें दस्तावेजों की वैधता को नवीनीकृत करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। विस्तार का लाभ फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, लर्नर्स लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर लागू होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारी ने सभी यातायात पुलिस अधीक्षकों और परिवहन विभाग के अधिकारियों को भी इस मुद्दे पर किसी को परेशान न करने का निर्देश दिया है।

आरटीओ में कामकाज कोरोना से पहले दो मार्च से ही बंद है। दरअसल, राज्य में जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कार्यालय में कामकाज नहीं हुआ था। होली के बाद जब हड़ताल खुली तो कोरोना के चलते कार्यालय बंद हो गया। इसके चलते तमाम कार्य अटके हुए हैं।

नए नियमों के तहत एक दिन में कार्यो के आवेदन की संख्या तय कर दी गई है। एक दिन में हर कार्य के लिए महज 20 लोगों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। डीएम के आदेश पर एसओपी के अंतर्गत आरटीओ कार्यालय खोलने की मंजूरी मिल गई है। आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने अन्य अधिकारियों के साथ एसओपी बनाई व सोमवार से कार्यालय में काम जनता के लिए शुरू करने के आदेश दिए। हालांकि, नए ड्राइविंग लाइसेंस या लर्निग से परमानेंट लाइसेंस बनाने वालों को अभी इंतजार करना होगा। यह कार्य अगले माह तक शुरू होने की उम्मीद है।