भारत-चीन सीमा पर गलवान घाटी में शहीद हुए बिहार के चार व झारखंड के एक जवान के पार्थिव शरीर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को माल्यार्पण कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी। भारत-चीन सीमा पर स्थित गलवान घाटी में शहीद जवानों के परिजनों को मुख्यमंत्री ने 36-36 लाख रुपये और एक आश्रित को नौकरी देने की घोषणा की है। शहीदों के शव पटना हवाई अड्डा स्थित स्टेट हैैंगर परिसर में श्रद्धांजलि के लिए रखा गया था। मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर उनके शव पर पुष्प चक्र अर्पित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने यह एलान किया कि मुख्यमंत्री राहत कोष से शहीद हुए जवानों के परिवार को 25 लाख रुपए दिए जाएंगे। यह राशि राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले 11 लाख रुपए की अनुग्रह अनुदान की राशि के अतिरिक्त है। गलवान घाटी में शहीद हुए बिहार के चार जवान व एक हवलदार के परिवार के एक-एक आश्रित को राज्य सरकार द्वारा नौकरी भी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि वह काफी मर्माहत हैैं। इनकी शहादत को देश सदैव याद रखेगा।

गलवान घाटी में शहीद बिहार के जवानों में बिहार रेजिमेंट के 12 वीं व 18 वीं बटालियन के सिपाही शामिल हैैं। इनमें भोजपुर दिले के ज्ञानपुरा, जगदीशपुर के सिपाही चंदन कुमार, सहरसा के आरन गांव निवासी सिपाही कुंदन कुमार, समस्तीपुर जिले के सुल्तानपुर पूरब, पटोरी निवासी सिपाही अमन कुमार, जंदाहा के बिहार रेजिमेंट के 12 वीं बटालियन के सिपाही जयकिशोर साहेबगंज (झारखंड) के सिपाही कुंदन कुमार ओझा का शव गुरुवार को आया। इसके पूर्व पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र स्थित तारानगर निवासी और बिहार रेजिमेंट के 18 वीं बटालियन के हवलदार सुनील कुमार का शव बुधवार को पटना लाया गया था।