छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आज @ncert & @UNESCO #NewDelhi कार्यालय द्वारा विकसित “कोविड19 के दौरान सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन माध्यम द्वारा सीखना” नामक एक सूचना पुस्तिका जारी की है । मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने  ट्वीटकर दी जानकारी ।

दरअसल नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने कोरोनावायरस के इस दौर में सुरक्षित ऑनलाइन शिक्षा के लिए एक बुक जारी की है। इस बुक का मकसद डिजिटल प्लेटफॉर्म को सिक्योर कर यह सुनिश्चित करना है कि टीचर्स, स्टूडेंट्स और पैरेंट्स सहित सभी हितधारकों को सुरक्षित रखा जाए। दरअसल, देशभर में लगातार जारी लॉकडाउन के कारण पढ़ाई को ऑनलाइन ही पूरा किया जा रहा है। ऐसे में डिजिटल तरीकों के बढ़ते उपयोग को देखते हुए इस बुक को जारी किया गया है।

यह पुस्तक स्टूडेंट्स को साइबरबुलिंग, साइबर स्पेस के साथ ही किसी भी दुर्व्यवहार के मामले में स्टूडेंट्स और पैरेंट्स की सुरक्षा के लिए भारतीय क्षेत्राधिकार में कानूनों के बारे में जानकारी देती हैं। देश में, 5-11 वर्ष के आयु वर्ग के करीब 71 मिलियन बच्चे अपने परिवार के सदस्यों के उपकरणों पर इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इससे देश के सक्रिय इंटरनेट उपयोगकर्ता का 500 मिलियन से अधिक का 14 प्रतिशत हिस्सा बनता है। भारत के इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन के अनुसार भारत में दो-तिहाई इंटरनेट उपयोगकर्ता 12-29 वर्ष के आयु वर्ग में हैं। ऐसे में हैंडबुक बच्चों के लिए काफी मददगार साबित होगी।

इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने एक ट्वीट में लिखा, “छात्रों और शिक्षकों को सुरक्षित ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज कार्यालय द्वारा विकसित “कोविड19 के दौरान सुरक्षित तरीके से ऑनलाइन माध्यम द्वारा सीखना” नामक एक सूचना पुस्तिका जारी की है । यह हैंडबुक NCERT की ऑफिशियल वेबसाइट  ncert.nic.in पर उपलब्ध है।