देश में छाए कोरोना संकट और लॉकडाउन 4.0 के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रेपो रेट में कटौती का एलान किया।  कोरोना के लॉकडाउन के बाद से यह तीसरी बार है जब आरबीआई ने राहत का ऐलान किया.इस कटौती के बाद आरबीआई की रेपो रेट 4.40  फीसदी से घटकर 4 फीसदी हो गई है।  इसके साथ ही लोन की किस्‍त देने पर 3 महीने की अतिरिक्‍त छूट दी गई है।  मतलब कि अगर आप अगले 3 महीने तक अपने लोन की ईएमआई नहीं देते हैं तो बैंक दबाव नहीं डालेगा। इसके अलावा आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 में जीडीपी की वृद्धि नकारात्मक रहेगी।

आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा, ‘दालों की कीमत में उछाल चिंता का विषय है।  कृषि उत्पादन से सबको लाभ मिलेगा।  WTO के मुताबिक, वैश्विक व्यापार 13 से 32 फीसदी तक घट सकता है। आरबीआई गवर्नर ने कहा, ‘2020-21 में जीडीपी ग्रोथ नकारात्मक क्षेत्र में रहने की उम्मीद है।  छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दर में 0.40 प्रतिशत कटौती के पक्ष में 5:1 से मतदान किया।  भारत में मांग घट रही है, बिजली, पेट्रोलियम उत्पाद की खपत में गिरावट, निजी खपत में गिरावट दर्ज की जा रही है।

भारत में दो महीने से भी ज्यादा समय का लॉकडाउन लगाया गया और इसका सबसे ज्यादा असर औद्योगिक उत्पादन पर देखा गया है।  देश के छह राज्य ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन होता है और इनका कुल औद्योगिक उत्पादन में करीब 60 फीसदी योगदान होता है।  ऐसे राज्यों में लॉकडाउन के चलते उत्पादन नहीं हुआ और इसके असर से इंडस्ट्रीज के ऊपर बेहद नकारात्मक असर पड़ा है।

कोरोना संकट के दौरान आरबीआई लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर उसने कई कदम उठाए हैं, जिससे सिस्टम में लिक्विडिटी बनी रहे।  इसके लिए बैंकों से लेकर एनबीएफसी, नाबार्ड, सिडबी जैसे कई संस्थानों को कैश फ्लो मुहैया कराया गया है।

इस लॉकडाउन में अब तक  कंज्यूमर ड्यूरेबल के उत्पादन में 33 फीसदी , औद्योगिक उत्पादन में मार्च में 17 फीसदी, मैन्युफैक्चरिंग में 21 फीसदी,  कोर इंडस्ट्रीज के आउटपुट में 6.5 फीसदी की गिरावट आई है है। खरीफ की बुवाई में 44 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। तो खाद्य महंगाई फिर अप्रैल में बढ़कर 8.6 फीसदी हो गई। इस छमाही में महंगाई उंचाई पर बनी रहेगी, लेकिन अगली छमाही में इसमें नरमी आ सकती है।

2020-21 में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार 9.2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी 487 बिलियन डॉलर का है। सिडबी को दी गई रकम का इस्तेमाल आगे और 90 दिन तक करने की इजाजत मिली है। बैंको को 15,000 करोड़ रुपये का क्रेडिट लाइन एग्जिम दिया जाएगा।