छात्रों को क्रियात्मक एवं रचनात्मक कार्यो से जुड़ना चाहिए, जिससे आप जीवन के हर क्षेत्र में लाभान्वित हो सकते हैं।  बच्चो में सिखने की प्रवृत्ति अधिक होती है , बचपन का हर एक क्षण बहुत महत्वपूर्ण होता है। बच्चे पढाई के साथ साथ रचनात्मक कार्य करना पसंद करते है। स्कूलों के गर्मियों के छुट्टी में तो खास कर बच्चे अपना ज्यादातर समय रचनात्मक कार्य को सिखने में व्यतीत करते है। गर्मी के मौसम में हर साल बच्चो के लिए समर कैंप का आयोजन होता था।

लेकिन इस वक्त पूरा विश्व सदी की सबसे भयंकर महामारी कोविड -19 के कारण  अपने घरो में कैद है। समर कैंप तो दूर की बात है लोग घर से बाहर निकलने की भी नहीं सोच रहे है। लेकिन  हौसलों में हो उड़ान तो कोई न कोई रास्ता निकल ही जाता है। भले ही घर से नहीं निकल सकते , पर इस इंटरनेट के युग में काम तो घर से कर ही सकते है न। ऑफिस जाने वाले वर्क फ्रॉम होम कर रहे है, स्कूल-कॉलेज ऑनलाइन पढाई करा रहे है तो रचनात्मक कार्य ऑनलाइन क्यों नहीं।

उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसन्धान संसथान पटना के द्वारा पिछले कई वर्षो से समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है।  लेकिन कोविड -19 के कारण इस साल समर कैंप का आयोजन परिसर में  संभव नहीं हो पाने के कारण इस कैंप का आयोजन भी ऑनलाइन ही किया जायेगा। जिससे बच्चे अपने समर कैंप को मिस ना करें।  

उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसन्धान संसथान पटना के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने बताया कि 28 मई से 03 जून तक, 04 से 12 वर्ग के बच्चो के लिए ऑनलाइन समर कैंप का आयोजन किया गया है।  कैंप में भाग लेने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन बिलकुल मुफ्त है। इस कैंप में प्रतिदिन 2 घंटे बच्चो को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा और  कैंप के समाप्ति के बाद उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जायेगा।  

इस समर कैंप में टिकुली पेंटिंग, मंजूषा  पेंटिंग, मधुबनी पेंटिग , कंटेम्प्ररी पेंटिंग, ख़ासिदा /एप्लिक क्राफ्ट, जूट क्राफ्ट, वुड क्राफ्ट, टेराकोटा, जैसी क्राफ्ट्स का प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस प्रक्षिशण में पुरे बिहार से क्राफ्ट में रूचि रखने वाले बच्चे हिस्सा लेते है और इस समर कैंप का मजा लेते है। साथ ही बहुत सारी मजेदार चीजे भी सीखते है।