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मदर्स पावर, 68 की उम्र में साइकिल से निकलीं 2200 किलोमीटर की यात्रा पर, करेंगी देवी दर्शन

इस दुनिया में जो व्यक्ति कठिन परिश्रम करता है सफलता उसी के कदम चूमती है। बिना कठिन परिश्रम के सफलता पाना असंभव है। कठोर परिश्रम या कड़ी मेहनत मनुष्य का असली धन होती है जिससे लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। ऐसा हीं काम किया है महाराष्ट्र की 68 साल की एक महिला ने जो लोगों के लिए एक मिसाल बन गई है।

महाराष्ट्र के खामगांव की रहने वाली 68 साल की महिला साइकिल से माता वैष्णो देवी की यात्रा पर निकल पड़ी। खामगांव से माता वैष्णो देवी का रास्ता करीब 2200 किलोमीटर लंबा है, जिसे यह महिला अकेले ही साइकिल पर सवार होकर तय कर रही हैं। आज के इस दौर में जहां लोगों के पास अपनी सेहत पर ध्यान देने का समय नहीं बचा है तो वहीं ऐसे लोग भी है जो दूसरों पर आश्रित न होकर खुद पर विश्वास रखते हैं।

इस बूढ़ी महिला के वीडियो को रतन शारदा नाम के एक ट्विटर यूजर ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें लिखा हुआ है कि ’68 साल की एक मराठी महिला अकेले साइकिल से वैष्णो देवी जा रही है। खामगांव से 2200 किलो मीटर की यात्रा… मदर्स पावर।’ इस वीडियो में महिला ने अपनी साइकिल के आगे जरूरी सामान रखा है और पीछे तिरपाल। तिरपाल का उपयोग वह बारिश और रात को आराम करने के लिए करती होंगी।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे है। लोग जमकर महिला की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग मदद की भी बात कर रहे हैं। इस महिला ने बताया है कि उम्र कुछ नहीं होती, हिम्मत ही सबकुछ होती है। कड़ी मेहनत करने वाले लोग मिट्टी को भी सोना बना देते हैं।