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काबिलियत हो तो पैरो की चमक भी बढ़ जाती है

सच्ची लगन हो और मन में हौसला बुलंद हो तो आखिर क्या कुछ नहीं हो सकता। अगर मन में कुछ ठान लो तो भले ही रास्ते में कितनी भी बाधाएं आ जाएं, आपको वह काम करने से कोई नहीं रोक सकता। काबिलियत के बीच कभी भी रंग-रूप और कद नहीं आते। आज हम एक ऐसी ही आईएएस अफसर की कहानी आप सबके साथ साझा करने जा रहे हैं जो उत्तराखंड से नाता रखती हैं और इस समय वर्तमान में एक बेहद काबिल जिला अधिकारी के रूप में वह दुनिया के सामने आई हैं। उनकी लंबाई 3 फुट 6 इंच है। अपने कम कद के कारण उनको बचपन में कई बातें सुनने को मिलीं मगर उन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत से सबको आश्चर्यचकित कर दिया है।

देहरादून की शान

बुलंद हौसला और सच्ची लगन इंसान को बड़े से बड़े ओहदे तक ले जा सकती है। इसी मिसाल का उदाहरण हैं IAS अधिकारी आरती डोगरा। आरती का जन्म उत्तराखंड के देहरादून शहर में हुआ। उनके पिता राजेंद्र डोगरा भारतीय सेना में कर्नल है और माता श्रीमती कुमकुम डोगरा एक स्कूल प्रिंसिपल हैं। आरती के माता पिता को उनकी शारीरिक कमज़ोरी के बारे में डॉक्टर ने जन्म के समय ही बता दिया था। इसके बाद उनके माता पिता ने दूसरी संतान को जन्म ना देने का फैसला किया और आरती की पढाई के लिए हर सुविधा उपलब्ध कराई। आरती ने अपनी स्कूली पढ़ाई देहरादून के प्रतिष्ठित वेल्हम गर्ल्स स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स सब्जेक्ट में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन की।

ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद आरती आगे की पढ़ई के लिए वापस देहरादून चली गयी। यहाँ उनकी मुलाकात उत्तराखंड की पहली महिला आईएएस अफसर मनीषा पंवार से हुई। उनसे मिलने के बाद ही आरती ने उन्हें अपनी प्रेरणा बनाया और UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया। आरती ने अपने पहले ही एटेम्पट में IAS की परीक्षा को क्लियर किया और 2006 बैच में सिविल सेवा को ज्वाइन किया।

बंको बिकाणो’ अभियान

आरती ने बीकानेर की जिलाधिकारी के तौर पर ‘बंको बिकाणो’ अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत उन्होंने जिले के लोगों को खुले में शौच न करने के लिए प्रेरित किया और कई गाँव में पक्के शौचालय बनवाये। यह अभियान 195 ग्राम पंचायतों तक सफलतापूर्वक चलाया गया। इसके बाद बंको बिकाणो की आस पास के जिलों में भी अपनाया गया। उनके इस अभियान के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सराहना मिली। राजस्थान में कहा जाता है कि आरती डोगरा डिस्कॉम की मैनेजिंग डायरेक्टर और इससे पहले बीकानेर की जिलाधिकारी रहते हुए अपने काम का लोहा मनवा चुकी हैं।

जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक

आरती जोधपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी रही।आरती डोगरा ने पद ग्रहण करने के बाद कहा कि जोधपुर डिस्कॉम में फिजूल खर्ची, बिजली बर्बादी पर नियंत्रण के लिए जूनियर इंजीनियर से लेकर चीफ इंजीनियर तक की जिम्मेदारी तय की जाएगी। दूरदराज में जहां बिजली नहीं है वहां बिजली पहुंचाने के सभी प्रयास किये उनके द्वारा किये गए।

बिजली बचत को लेकर जोधपुर डिस्कॉम में एनर्जी एफिशियेंसी सर्विस लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा उन्होंने 3 लाख 27 हजार 819 एलईडी बल्ब का वितरण भी करवाया था। जिससे बिजली की खपत में बहुत हद तक नियंत्रित हुआ था।

आईएएस आरती डोगरा आज राजस्थान कैडर की जिलाधिकारी हैं और उत्तराखंड की शान बढ़ा रही हैं। फिलहाल उन्हें राजस्थान के अजमेर की नई जिला अधिकारी के तौर पर नियुक्ति मिली है। इससे पहले वह एसडीएम अजमेर के पद पर कार्यरत थीं।