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जुगनू की चमक ने रचा इतिहास

इस कोरोना काल में हमें कई ऐसी खबरें सुनने को मिली जो मन को निराश कर देने वाली थीं। हालांकि, देश के लिए कुछ अच्छा करना हर नागरिक को गौरव हीं प्राप्त कराता है। ऐसा हीं कुछ किया है देश की बेटी ‘ऐश्वर्या श्रीधर’ ने। 56 वें संस्करण में ‘वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ़ द ईयर अवार्ड’ को जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर ऐश्वर्या ने एक इतिहास रच दिया है। 23 साल की उम्र में अपनी श्रेणी में इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को जीतने वाली वे सबसे कम उम्र की महिला बनीं।

ऐश्वर्या श्रीधर के फोटो का शीर्षक ‘Lights of passion’ है, जिसे वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर ऑफ़ द ईयर 2020 में सबसे अधिक सरहाना मिली। यह घोषणा British Natural History Museum में की गयी थी, जहाँ श्रीधर ने दुनिया के 80 से अधिक देशों से 50,000 एंट्रीज में से जीत हासिल की। ऐश्वर्या ने अपनी तस्वीर में एक पेड़ को दिखाया है जो जुगनुओं से रोशन है। आसमान में जुगनुओं और तारों की उपस्थिति ऐसी लग रही है मानों पेड़ के चारों ओर एक असली आकाशगंगा बना रही हो।

ऐश्वर्या ने ये पुरस्कार ‘invertebrate behaviour’ category के तहत जीता है। उन्होंने ने पिछले साल जून में भंडारा, महाराष्ट्र में एक ट्रेक के दौरान ये तस्वीर को Canon के Premium DSLR- EOS- 1DX Mark II में से एक का उपयोग करके कैप्चर किया गया था। यह तस्वीर Natural History Museum में एक प्रदर्शनी और एक भ्रमण प्रदर्शनी का हिस्सा होगी।

ऐश्वर्या श्रीधर पेशे से एक वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर, लेखक और फिल्म निर्माता हैं। वह अपना काफी समय पर्यावरण के संरक्षण में भी देती हैं। वे काफी लम्बे समय से पर्यावरण विनाश से उरण के पास पंजे की वेटलैंड्स को बचाने के लिए लड़ रही है। उनकी डॉक्यूमेंट्री Queen of Taru, न्यू यॉर्क में 9वें Wildlife Conservation Film Festival में विजेता रही है। ऐश्वर्या ने 14 साल की उम्र में Sanctuary Asia Young Naturalist Award जीता था। उन्होंने युवा प्रतिभाओं को समाज में अपने योगदान के साथ सकारात्मक बदलाव लाने के लिए दिया जाने वाला ‘प्रिंसेस डायना’ अवार्ड भी जीता है। उनकी कई रचनाएँ हिंदुस्तान टाइम्स, बीबीसी वाइल्डलाइफ, मुंबई मिरर, द गार्डियन में भी चित्रित की गयी है।