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शिक्षा की ट्रेन में होगी राजनीति का फैसला

बिहार का एक ऐसा जगह जहां चुनाव एक्सप्रेस’ में सवार होकर लोग मतदान करेंगे। यानि इस जगह के लोग ट्रेन पर सवार होकर अपना मतदान करेंगे। विभूतिपुर प्रखंड के राजकीयकृत मध्य विद्यालय राघोपुर में तीन नवंबर को मतदाता वोट डालने पहुंचेंगे तो उन्हें अलग तरह का एहसास होगा। यह चुनाव एक्सप्रेस समस्तीपुर के राजकीयकृत मध्य विधालय ,राघोपुर में बनाया गया हैं। इस स्कूल के क्लासरूम की दीवारों का रंग -रोगन ट्रेन की तरह किया गया हैं।

कोरोना काल में स्कूल बंद होने के चलते 25 अगस्त से इसकी साज-सज्जा का कार्य प्रारंभ हुआ। इसमें ट्रेन की बोगियों की तरह अलग-अलग क्लास रूम पर नंबर डाले गए हैं। विद्यालय के कुल 22 कमरे बोगियों की तरह पेंट किए गए हैं। जिस प्रकार ट्रेन में बोगी नंबर होता है। ठीक उसी प्रकार यहां वर्ग कक्ष का नंबर R1, R6, R8, R15 से R22 नाम है। विभूतिपुर प्रखंड स्थित इस स्कूल के हर कमरे को यहां के शिक्षक नबो कुमार चौधरी और बैद्यनाथ सहनी ने अपनी सोच से पेंटिंग कराकर रेलगाड़ी की बोगी का रूप दिया है। विद्यालय परिवार ने इसे ‘शिक्षा रथ एक्सप्रेसÓ नाम दिया है। मतदाता इसी के अंदर जाकर वोट डालेंगे।

दूसरे चरण में होने वाले चुनाव में 3 नवंबर को विभूतिपुर विधानसभा के प्लेटफॉर्म से चुनाव एक्सप्रेस पर सवार होकर मतदाता अपने वोट का उपयोग कर बिहार की नई सत्ता लाएंगे।

वर्ग कक्ष का नामकारण महापुरषो के नाम पर

वर्ग कक्ष का नामकारण महापुरषो के नाम पर किया गया। छात्रों के वर्ग कक्ष का नाम स्वामी विवेकानंद सदर ,ड़ॉ .राजेंद्र सदन ,सुभाषचंद्र बोस सदन ,भगत सिंह सदन और छात्राओ के वर्ग कछ को लछमीबाई सदन ,कल्पना चावला सदन ,इंदिरा गांधी सदन आदि नाम दिये गए हैं।

यह एक संकुल एक्सप्रेस भी हैं ,जिसमें कार्यालय और कक्षा हैं। विधालय की दीवारों पर पेंटिंग ,स्लोगन ,मौलिक अधिकार ,मूल कर्तव्य आदि आकर्षक का केंद्र हैं। विभूतिपुर प्रखंड के इस स्कूल की स्थापना सन 1920 में हुई थी। उस वक्त यहां क्लास 1 से क्लास 3 तक की पढ़ाई होती थी। 1945 में इसको अपग्रेड कर 5वीं क्लास तक कर दिया गया। उसके बाद 1960 में 7वीं क्लास और वर्ष 2008 में 8वीं क्लास तक की पढ़ाई शुरू हो गई।