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नहीं रहें बिहार के 5 दिन के पूर्व मुख्यमंत्री

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और शोषित समाज दल के नेता सतीश प्रसाद सिंह (87 वर्ष) का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया। सतीश प्रसाद सिंह के नाम बिहार में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। वे महज पांच दिन के लिए (1968) मुख्यमंत्री बने थे। पिछले महीने 27 अक्टूबर को उनकी पत्नी ज्ञानकला देवी का भी निधन हो गया था।

5 दिन का किस्सा

1967 में जब चौथी विधानसभा के लिए चुनाव हुए थे तो उस समय कांग्रेस को बिहार में बहुमत नहीं आया था। ऐसे में प्रदेश में पहली बार गैर कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी। उस समय जनक्रांति दल के महामाया प्रसाद सिन्हा को सीएम बनाया गया, लेकिन एक साल पूरा होने से पहले ही उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी। इसी बीच संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के नेता सतीश प्रसाद सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया। हालांकि, वो भी महज 5 दिन ही सीएम की कुर्सी पर रह सके। उनके बाद में बीपी मंडल को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया लेकिन वो भी महज 31 दिन ही सीएम की कुर्सी संभाल सके। सतीश प्रसाद सिंह 1980 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बिहार के खगड़िया सीट से 7वीं लोकसभा के लिए चुने गए थे।

फिल्मी सफर

बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री खगड़िया से सांसद भी रह चुके थे। सामाजिक परिवर्तन को लेकर उन्होंने फिल्म-जोगी और जवानी बनाई थी। उस फिल्म में वे खुद नायक की भूमिका में थे। दिलचस्प बात यह कि उस फिल्म के प्रोड्यूसर और डायरेक्टर भी दिवंगत सतीश प्रसाद सिंह ही थे।

बीजेपी में भी हुए थे शामिल

सतीश प्रसाद सिंह 1980 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर बिहार के खगड़िया सीट से सांसद बने. कांग्रेस के बाद वो कुछ समय तक बीजेपी में भी रहे. 22 सितंबर 2013 में उन्होंने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। हालांकि, उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान कुशवाहा समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था।