इवेंट बिहारनामा

क्या इस दुर्गा पूजा नहीं उठा पाएंगे मेले का लुफ्त, जानिए क्या कहती है गाइडलाइन

17 अक्टूबर से दुर्गा पूजा शुरू हो रहा है। बिहार सरकार ने दुर्गा पूजा को लेकर गाइडलाइन जारी कर दिया है। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार सूबे में कोई मेला नहीं लगेगा। इसके अलावा लाउड स्पीकर के इस्तमाल पर भी रोक लगा दिया गया है। पंडाल का निर्माण किसी विशेष थीम पर नहीं किया जा सकता। सामूहिक प्रसाद वितरण पर भी रोक रहेगी। इस संबंध में गृह विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है।

जारी गाइडलाइन के अनुसार

इस बार मंडप किसी खास थीम पर नहीं होगा। किसी प्रकार का तोरण या भव्य द्वार नहीं बनाया जा सकता। मूर्ति वाले जगह को छोड़, हर तरफ ओपन स्पेस होना चाहिए। स्पीकर के उपयोग पर भी पाबन्दी लगाई गयी है। साथ ही इस बार मेला का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इस बार मंडप के आस पास चाट फुचका या किसी भी प्रकार के खाने का स्टाल नहीं लगाना है , साथ ही प्रसाद वितरण पे भी रोक लगाई गयी है।

इस बार नहीं उद्धघाटन समारोह होगा नहीं किसी प्रकार का आमंत्रण पत्र जारी किया जायेगा। मूर्ति विसर्जन बड़े ही सादे तौर पर किया जाना है, कोई जुलुस या भीड़ भाड़ नहीं होना चाहिए। आयोजक को पर्याप्त सैनेटाइजर मौजूद कराना होगा। जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी को कोरोना को लेकर हर मानक को सख्ती से पालन करना होगा।

भीड़ जमा होने की आशंका को लेकर इस बार गरबा और रावण वध के आयोजन पर भी रोक लगा दी गयी है। इन नियमों का उलंघन करने पर क़ानूनी करवाई की जाएगी।

गाइडलाइन देखने के लिए क्लिक करें

https://state.bihar.gov.in/home/cache/5/09-Oct-20/SHOW_DOCS/Image_018.pdf

शहर के पूजा पंडालों के निर्माण से टेंट पंडाल व्यवसाय को काफी आमदनी होती रही है। पूजा पंडाल की तैयारियां पंडाल निर्माता छह महीने पहले ही शुरू कर देते थे। इस बार भी पूजा पंडाल व्यवसायी फरवरी और मार्च में ही खरीदारी में अपनी पूंजी फंसा चुके थे। इस वर्ष पंडाल नहीं बनने से लगभग दस हजार टेंट, पंडाल व्यवसायियों को नुकसान उठाना पड़ेगा।