बिहारनामा

इस चुनाव दिखेगा BEAUTY और BRAIN का संगम

ट्रांसजेंडर हमारे समाज का ही एक अंग है। जिस प्रकार महिला और पुरुष को अपना हर सामाजिक अधिकार प्राप्त है और वो अपना नार्मल जीवन जीते है उसी प्रकार ट्रांसजेंडर की भी आम जीवन होती है। ये जो चाहे कर सकते हैं। हमारे दिमाग में किन्नर की छवि तो बच्चे होने पे गाने और नाचने वाली के रूप में ही दिखती हैं। लेकिन आपको यह भी जानना जरुरी है कि आज कई सारे ट्रांसजेंडर हमारे देश में अलग मुकाम हासिल कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। और इसी लिस्ट में एक नाम मोनिका दास।

राजधानी पटना की ट्रांसजेंडर मोनिका दास को बिहार विधानसभा चुनाव में पीठासीन पदाधिकारी बनाया जाएगा। इतिहास में यह पहला मौका होगा जब कोई ट्रांसजेंडर चुनाव के दौरान पीठासीन पदाधिकारी की भूमिका में हो। जन्म से ही समाज के बीच तमाम संघर्षों से जूझकर सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ने वाली मोनिका दास ने दूसरों के लिए भी उदाहरण पेश किया है।

कौन हैं मोनिका दास

ट्रांसजेंडर को अक्सर जहां जन्म के बाद ही समाज में अलग-थलग होकर जीवनयापन करने पर विवश होना पड़ता है वहीं पटना निवासी ट्रांसजेंडर मोनिका दास ने अपने जीवन को अलग तरीके से जीने की ठानी। उन्होंने मेहनत को अपना औजार बनाया और सामाजिक बाधा रूपी चट्टान को काटकर अपनी सफलता का मार्ग खुद बनाया।

गोल्ड मेडलिस्ट मोनिका

मोनिका दास ने खुद पर भरोसा जताते हुए अपने मेहनत के दम पर समाज के बीच एक पहचान ही नहीं बनाई है बल्कि उनकी प्रतिभा को भी लोग काफी सराहते रहे हैं। शिक्षा को अपना हथियार बनाकर मोनिका दास ने पटना यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई पूरी की और गोल्ड मेडल हासिल किया।

रह चुकी हैं फेस ऑफ पटना

मोनिका दास खुबसूरती के मामले में भी वो किसी से कम नहीं हैं। इनकी खूबसूरती देख अच्छी अच्छी मॉडल शर्मा जाये। यही कारण है की सुंदरता को लेकर भी मोनिका काफी सुर्खिया बटोर चुकी हैं। वो ब्यूटी कंपटिशन में भी भाग लेती हैं और सौंदर्य प्रतियोगिता में वो फेस ऑफ पटना भी रह चुकी हैं।

केनरा बैंक की ऑफिसर

मोनिका दास केनरा बैंक की ऑफिसर हैं। पीठासीन पदाधिकारी के तौर पर मोनिका दास एक बूथ की पूरी जिम्मेवारी संभालेंगी। यानी मतदान कराने से लेकर मॉनिटरिंग का काम करेंगी। पीठासीन अधिकारी के तौर पर आठ अक्टूबर को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ट्रांसजेंडर रिया सरकार को पोलिंग ऑफिसर बनाया जा चुका है। रिया सरकार स्कूल शिक्षिका हैं।

पीठासीन पदाधिकारी का काम

  • पीठासीन पदाधिकारी को पोलिंग पार्टी के सदस्यों से परिचित होना चाहिए और संपर्क बनाए रखना चाहिए।
  • रिटर्निंग ऑफिसर के सभी प्रासंगिक निर्देशों को तैयार रखना होगा।
  • मतदान केंद्र के स्थान और यात्रा कार्यक्रम के बारे में स्पष्ट जानकारी होनी चाहिए।
  • चुनाव से संबंधित सभी रिहर्सल और प्रशिक्षण वर्गों में भाग लेना चाहिए।
  • चुनाव सामग्री एकत्र करते समय, सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी आइटम सौंप दिए गए हैं।
  • रिटर्निंग ऑफिसर के किसी भी निर्देश का अनुपालन करना।
  • मतदान केंद्र का प्रभार लेने के लिए।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी मतदाताओं के साथ निष्पक्ष और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है।

ट्रांसजेंडर समुदाय में उत्साह

सुप्रीम कोर्ट से ट्रांसजेंडर को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता मिल चुकी है। जिसके बाद उन्हें समाज के मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास भी चल रहा है। ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए यह चुनाव आयोग की सकारात्मक पहल है। वैसे ट्रांसजेंडर जो मुख्यधारा में शामिल नहीं है। उन्हें प्रेरणा मिलेगी।