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17 साल के सआदत बने साइबरबुलिंग बचाव के चेंजमेकर

17 वर्षीय बांग्लादेशी किशोर सआदत रहमान ने साइबरबुलिंग के खिलाफ लड़ाई के लिए International Children’s Peace Prize 2020 जीता है। Human rights activist और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने इस वर्ष के विजेता के रूप में सआदत के नाम की घोषणा की। मलाला ने उन्हें “एक प्रेरणा” के रूप में वर्णित किया। उन्होंने एक ऑनलाइन भाषण में सआदत को एक सच्चा चेंजमेकर कहा।

सआदत को साइबरबुलिंग को रोकने के लिए अपने Social Organisation और मोबाइल ऐप “Cyber Teens” की स्थापना में उनकी भागीदारी के लिए सम्मानित किया गया है। 17 साल के सआदत रहमान को 15 साल की एक लड़की के बारे में सुना जिसने बुलीइंग के कारण अपनी जान ले ली । इस घटना के बारे में सुनने के बाद, युवाओं को ऑनलाइन दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करने में मदद करने के लिए एक मोबाइल ऐप बनाने के लिए उन्हें प्रेरणा मिली। उनके स्थानीय जिले के लगभग 1,800 टीनएजर्स ने अब तक इस ऐप का उपयोग किया है।

इस ऐप ने साइबरबुलिंग के 300 से अधिक पीड़ितों का समर्थन किया है। Cyber Teens, जो 45,000 किशोरों तक पहुँच चुके हैं,अब तक साइबर अपराधियों के 8 अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। साइबरबुलिंग का एक प्रमुख मुद्दा यह है कि युवा, पुलिस में इसकी सूचना देने या अपने माता-पिता को सूचित करने से डरते हैं। यह ऐप युवाओं को इंटरनेट सुरक्षा के बारे में जानकारी देता है और उन्हें गोपनीय तरीके से साइबर रिपोर्ट करने की संभावना देता है।

International Children’s Peace Prize 2020 एक वार्षिक पुरस्कार है जो बच्चों के अधिकारों को बढ़ावा देने वाले युवाओं के काम को मान्यता देता है। पिछले विजेताओं में स्वीडिश जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थुनबर्ग शामिल हैं। किड्स राइट्स (पुरस्कार देने वाली संस्था) का कहना है कि International Children’s Peace Prize अंतरराष्ट्रीय बच्चों के अधिकार संगठन किड्स नाइट्स की एक पहल है। 42 देशों के प्रभावशाली 142 आवेदकों में से, KidsRights विशेषज्ञ समिति ने बांग्लादेश से सआदत रहमान को विजेता के रूप में चुना।