फुल वॉल्यूम 360° विदेश

नोबेल पुरस्कार ने दुनिया को बताया कौन हैं हेपेटाइटिस-सी’ वायरस की खोज करने वाले तीन वैज्ञानिक

साल 2020 के चिकित्सा नोबेल पुरस्कारों का ऐलान हो गया है। इस साल का मेडिसिन का नोबेल पुरस्कार के लिए हेपेटाइटिस सी वायरस की खोज करने वाले तीन वैज्ञानिकों अमेरिका के वैज्ञानिक हार्वि जे आल्टर, चार्ल्स एम राइस और ब्रिटेन के माइकल हागटन को साल 2020 का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इन तीनों वैज्ञानिकों को हेपेटाइटिस सी’ वायरस की खोज के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।

नोबेल पुरस्कार समिति के अनुसार, रक्त-जनित हेपेटाइटिस, विश्व भर के लोगों में सिरोसिस और यकृत कैंसर का कारण बनता है। इसके खिलाफ लड़ाई में इन तीनों ने निर्णायक योगदान दिया। नोबेल कमेटी के प्रमुख थॉमस पर्लमैन ने स्टॉकहोम में इसकी घोषणा की। चिकित्सा क्षेत्र का सबसे बड़ा पुरस्कार समझा जाने वाले नोबेल प्राइज में 10 मिलियन स्वीडिश क्रॉनर और एक गोल्ड मेडल प्रदान किया जाता है। अमेरिकी डॉलरमें ये राशि 1,118,000 है. ये पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबल की याद में दिया जाता है, उन्होंने 124 साल पहले एक फंड का निर्माण किया था, इसी फंड से दुनिया के अहम खोजों के लिए ये पुरस्कार दी जाती है। नोबेल पुरस्कार 6 क्षेत्रों में दिया जाता है. इसकी घोषणा हर साल 12 अक्टूबर तक की जाती है। ये क्षेत्र हैं, भौतिकी, रसायनविज्ञान, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र।

अल्फ्रेड नोबेल की याद में

नोबेल पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है। अल्फ्रेड ने अपनी मृत्यु से पहले संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा ट्रस्ट को दिया था ताकि उन पैसों से मानव जाति के लिए काम करने वाले शख्सियतों को सम्मानित किया जा सके। पहला नोबेल शांति पुरस्कार 1901 में दिया गया था। अल्फ्रेड नोबेल रसायनज्ञ तथा इंजीनियर थे। इन्होने डाइनामाइट नामक प्रसिद्ध बिस्फोटक का आविष्कार किया था।