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मित्रता का प्रतिक बना राष्ट्रीय स्मारक

न्यू यॉर्क हार्बर के पास छोटे से टापू पर बानी स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी को आज ही के दिन वर्ष 1924 में अमेरिका के राष्ट्रपति केल्विन कूलिज ने राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया था। स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी को मित्रता का प्रतिक भी कहा जाता है। स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी को फ्रांस ने अमेरिका को 1886 में अपने मित्रता प्रतिक के रूप में भेट किया था। इसकी ऊंचाई 306 फ़ीट है।

स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी की कुछ दिलचस्प बातें जो अपने कभी नहीं सुनी होगी :-

➧स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी के कुछ भाग फ्रांस में बने थे , जिसमे इसका सर भी है।

➧इस समारक का वजन कुल 225 टन 2 लाख 25 हजार है।

➧स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी के ताज पर जो 7 नुकीली कीलें निकली है वो विश्व के 7 महा डुपों को दर्शाती है।और किलों की लम्बाई 9 फ़ीट और वजन 68 किलो है।

➧ताज पर कुल 25 खिड़कियां हैं जो धरती के रत्नो को दर्शाती है।

➧स्टेचू के बाएं हाथ में जो किताब है उसमे अमेरिका की स्वतंत्रता दिवस (4 जुलाई 1776 ) की तारीख लिखी हुई है।

➧ स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी का पूरा नाम “Liberty Enlightening The World” है जिसका मतलब स्वतंत्रता संसार को शिक्षाप्रद करती है।

➧इससे बनने में 9 साल से ज्यादा का समय लगा था।

➧अमेरिका के 10 डॉलर वाले नोट पर इसकी तस्वीर चाप चुकी है।

➧पाकिस्तान, मलेशिया,ताईवान,ब्राजील और चीन में इसका डुबलीकेट बनाया है।