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जानिए नौसेना में शामिल आधुनिकता से भरपूर मेड इन इंडिया युद्धपोत का नाम INS कवरत्ती क्यों ?

विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना में देश में बनी चार पनडुब्बी रोधी युद्धपोत (एएसडब्ल्यू) में से आखिरी आईएनएस कावरत्ती को शामिल किया। मेड इन इंडिया (Made In India) आईएनएस कवरत्ती पोत को भारतीय नौसेना के अपने संगठन, नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) द्वारा डिज़ाइन किया गया है और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स, कोलकाता द्वारा बनाया गया है। आईएनएस कावरत्ती में अत्याधुनिक हथियार और सेंसर सूट हैं जो पनडुब्बियों का पता लगाने और उन पर उचित कार्रवाई करने में सक्षम हैं।

भारत के इस जंगी जहाज की खास बात ये है कि ये रडार की पकड़ में नहीं आता है। इस युद्धपोत को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। आईएनएस कवरत्ती का 90 फीसदी हिस्सा स्वदेश निर्मित है और नई तकनीक की मदद से इसकी देखरेख की जरूरत भी कम होगी। आईएनएस कवरत्ती में अत्याधुनिक हथियार प्रणाली है। इसमें खास सेंसर लगे हुए हैं, जो पनडुब्बियों का पता लगाने और उनका पीछा करने में सक्षम हैं। यह प्रोजेक्ट-28 के तहत स्वदेश में निर्मित चार पनडुब्बी रोधी जंगी स्टील्थ पोत में से आखिरी जहाज है।

आईएनएस कवरत्ती की लंबाई 109 मीटर और चौड़ाई 12.8 मीटर है। ये पोत परमाणु, रासायनिक और जैविक युद्ध की स्थिति में भी काम करेगा। कवारत्ती को स्वदेशी रूप से विकसित अत्याधुनिक हथियारों और सेंसर से लैस किया गया है जिसमें एक मध्यम श्रेणी की बंदूक, टारपीडो ट्यूब लांचर, रॉकेट लांचर और एक करीबी हथियार प्रणाली शामिल है।

आईएनएस कवरत्ती का नाम 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तानी गुलामी से मुक्ति दिलाने वाले युद्ध में अपने अभियानों के जरिये अहम भूमिका निभाने वाले युद्धपोत आईएनएस कवरत्ती के नाम पर मिला है। भूतपूर्व आईएनएस कावारत्ती अरनल क्लास मिसाइल युद्धपोत था।