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NCERT की नई पहल, भारत में हर कोई होगा शिक्षित

शिक्षा पर सबका समान अधिकार है। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने बधिर बच्चों (Deaf Children) को संकेत भाषा में पाठ्यपुस्तक और अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भारतीय संकेत भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

एनसीईआरटी और आईएसएलआरटीसी के बीच यह समझौता 6 अक्टूबर 2020 को किया गया था। इस समझौते को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट में लिखा, ‘आज एनसीईआरटी और आईएसएलआरटीसी के बीच हुए एक ऐतिहासिक समझौते (MoU) से हिंदी और अंग्रेजी माध्यम की कक्षा I-XII तक की सभी NCERT पाठ्य पुस्तकों, शिक्षक पुस्तिकाओं तथा अन्य पूरक पाठ्य पुस्तकों एवं संसाधनों को भारतीय सांकेतिक भाषा में परिवर्तित किया जा सकेगा।

साथ ही केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थवरचंद गहलोत ने ट्वीट कर कहा, “आज आईएसएलआरटीसी और एनसीईआरटी के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर हुआ। मैं इस अवसर पर श्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक जी और विभाग के अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित करता हुँ साथ ही आईएसएलआरटीसी और एनसीईआरटी, दोनों संस्थाओं को तथा देश के लाखों मूक बधिर छात्रों और उनके अभिभावकों व शिक्षकों को बधाई देता हूँ।“

अभी तक मूक बधिर छात्र मौखिक या लिखित माध्यमों से ही पढ़ाई कर पा रहे थे। अब इस समझौते के बाद वे भारतीय सांकेतिक भाषा में भी पढ़ाई कर सकेंगे। इससे न सिर्फ उनकी शब्दावली बढ़ेगी, बल्कि कॉन्सेप्ट को समझने में उऩकी क्षमता का भी विकास होगा।