बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शुक्रवार को महात्मा गांधी सेतु के पश्चिमी लेन के सुपर स्ट्रक्चर का उद्घाटन किया। इस पुल की लंबाई 5575 मीटर है और इस पुल की लागत 1742 करोड़ रुपये है। उत्तर बिहार को दक्षिण बिहार से जोड़ता यह पुल बिहार की जीवन रेखा है, इसके निर्माण से बिहार को तेज आर्थिक सामाजिक विकास को बल मिलेगा।

गांधी सेतु के जीर्णोद्धार का कार्य तीन वर्ष पूर्व जुलाई, 2017 में शुरू हुआ था। शुरुआती दौर में विभिन्न प्रकार की आपत्ति प्राप्त करने में समय लगा। यातायात प्रबंधन भी एक समस्या थी। सरकार ने उचित ट्रैफिक प्रबंध कर मात्र दो लेन से ही आवागमन का प्रबंध किया और दो लेन का पुनरुद्धार कार्य जारी रखा। जीर्णोद्धार कार्य में ध्यान रखा गया कि पुराने पुल का मलबा गंगा में न गिरे। पुराने पुल के सुपर स्ट्रक्चर के सारे मलवे को क्रश कर वैकल्पिक उपयोग किया गया।

आवागमन के लिए खोले जा रहे पश्चिमी दो लेन के अवसर पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी  भी उपस्थित थे। सेतु के चारों लेन के पुनरुद्धार में कुल 66 हजार 360 मीट्रिक टन स्टील का उपयोग किया जाना है। पूर्वी छोर के दो लेन के जीर्णोद्धार लिए आवश्यक स्टील में से आधी मात्रा की खरीद की जा चुकी है। पूर्वी लेन का जीर्णोद्धार कार्य 18 माह में पूरा कर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में पुल के चारों लेन पर गाड़ियां फर्राटे भरने लगेंगी और नागरिकों को बड़ी सुविधा होगी। 

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