कोरोना वायरस के  माहौल में  सोशल डिस्टेंसिंग और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का सख्त ध्यान रखते हुए खुले आसमान के नीचे वेनिस फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा हैं। इस फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत 2 सितंबर से होगी और यह 12 सितंबर तक जारी रहेगा। यह फिल्म महोत्सव हमारे भारत के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आया हैं।

दरअसल वेनिस फिल्म महोत्सव में पुरे 19 साल के बाद किसी फिल्म को प्रीमियर के लिए चुना गया है। और वो फिल्म हैं द डिसाइपल।

फिल्म निर्देशक चैतन्य ताम्हणे की मराठी फिल्म ‘द डिसाइपल’ को 77वें प्रतिष्ठित वेनिस फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के लिए चुना गया है। चैतन्य की यह फिल्म भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया पर आधारित है। यह एक गायक की शुरुआत से लेकर अंत तक की यात्रा को दर्शाती है जो मुंबई में गायन की जन्मती नई दुनिया से लड़ता है। फिल्म के बारे में चैतन्य ने बताते हैं कि उन्होंने इस फिल्म के हर एक दृश्य में अपनी पूरी ऊर्जा और शक्ति लगाई है। वह इस फिल्म पर पिछले चार साल से काम कर रहे थे। यह पहला मौका नहीं है जब चैतन्य की कोई फिल्म इस महोत्सव में प्रीमियर के लिए चुनी गई हो। इससे पहले उनके निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘कोर्ट’ ने भी इस फेस्टिवल में भाग लिया था और ओरिजोंती (Orizzonti) श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भी जीता था।

चैतन्य अपनी इस फिल्म के इस फिल्म फेस्टिवल में चुने जाने से बहुत खुश हैं। अब उनकी यह फिल्म माजिद मजीदी की ‘सन चिल्ड्रन’ और आंद्रेई कोंचालोव्स्की की ‘डिअर कॉमरेड’ के अलावा अन्य फिल्मों के साथ प्रतियोगिता में भाग लेगी। इस बारे में चैतन्य का कहना है कि अब इस प्रतियोगिता में सिनेमा के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। वह कहते हैं, ‘इस फेस्टिवल में मेरी फिल्म का चुना जाना भारतीय इंडिपेंडेंट सिनेमा के लिए बहुत बड़ी बात है। मुझे खुशी है कि इन कठिन समय में भी इस फिल्म को बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।’

गोल्डन लायन अवार्ड के लिए कंपटीशन सिनेमा की जिस श्रेणी में चैतन्य की इस फिल्म को जगह मिली है इस श्रेणी में अंतिम बार मीरा नायर की वर्ष 2001 में आई फिल्म ‘मानसून वेडिंग’ को चुना गया था। 

अब आपके शहर आया MOTHER DAIRY का ये नया प्रोडक्ट