देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच भारतीय रेलवे ने 1 जुलाई से 12 अगस्त के बीच नियमित ट्रेनों के लिए बुक किये गए सभी टिकटों को रद्द करने का फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड के अनुसार अगर किसी भी यात्री ने इस दौरान इन ट्रेनों में टिकट की बुकिंग की है तो उसे 100 फीसदी रिफंड मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने बताया कि 12 अगस्त तक सभी नियमित मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेन सेवाओं के साथ उपनगरीय ट्रेनें रद्द रहेंगी। हालांकि अभी चलाई जा रही सीमित संख्या में स्पेशल ट्रेनों का संचालन पहले की तरह ही होता रहेगा। इससे पहले महीने की शुरुआत में रेलवे ने लॉकडाउन के बीच चलने वाली ट्रेनों की संख्या 15 जोड़ी (अप-डाउन कर रही 30 ट्रेनें) से बढ़ाकर 200 कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि जरूरी सेवाओं में लगे कर्मियों की आवाजाही के लिए हाल में मुंबई में सीमित तौर पर शुरू की गई विशेष उपनगरीय सेवा भी जारी रहेगी। इससे पहले रेलवे ने 30 जून तक सभी ट्रेनों को रद्द किया था।

रेलवे ने अपनी गाइडलाइंस में यात्रियों को ट्रेन के निकलने के 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचने की सलाह दी थी। जिन यात्रियों के पास कन्फर्म्ड/RAC टिकट होंगे, उन्हें ही स्टेशन के भीतर घुसने दिया जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइंस के तहत सभी यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा और जिनमें कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देंगे, उन्हें यात्रा करने की अनुमति मिलेगी।

ट्रेन पर भी यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करना होगा और पूरी यात्रा के दौरान फेस मास्क पहनकर रखना होगा। सभी यात्रियों को लगातार हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहना होगा। सभी यात्रियों के फोन में आरोग्य सेतु ऐप होना जरूरी है। रेलवे के हर ज़ोन को हर स्टेशन पर प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट बनाने की सलाह दी गई है, ताकि यात्रियों के बीच कोई फेस-टू-फेस मूवमेंट न हो।

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