करीब दो महीने तक लॉकडाउन में रहने के बाद अब देश सामान्य होने की ओर कदम बढ़ा रहा है।  इसी कड़ी में 25 मई से घरेलू विमान सेवा शुरू होने जा रही है।  इस दौरान कई तरह के नियम और शर्तें लागू होंगी, जिनका पालन करना होगा।  केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने इसको लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी।  उन्‍होंने कहा है कि जिस तरह लॉकडाउन को लागू करना अहम था अब इसे खोलने का समय आ गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि शुरुआती तौर पर एयरपोर्ट का एक तिहाई हिस्सा ही शुरू होगा, किसी भी फ्लाइट में खाना नहीं दिया जाएगा।  सिर्फ 33 फीसदी विमानों को ही अभी उड़ान की इजाजत दी गई है।

हरदीप पुरी ने कहा कि हमने न्यूनतम और अधिकतम किराया निर्धारित किया है। दिल्ली, मुंबई के मामले में, 90-120 मिनट के बीच की यात्रा के लिए न्यूनतम किराया 3500 रुपये होगा, अधिकतम किराया 10,000 रुपये होगा। यह 3 महीने के लिए ऑपरेटिव है। यानी तीन महीने बाद इसे वापस ले लिया जाएगा।  40 प्रतिशत सीटें बैंड के मध्य प्‍वॉइंट से कम किराये पर बेची जानी हैं। उदाहरण के लिए 3500 रुपए और 10,000 रुपए का मिड प्‍वॉइंट 6700 रुपए है। इसलिए 40 प्रतिशत सीटों को 6700 रुपए से कम कीमत पर बेचा जाएगा। इस तरह हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किराया नियंत्रण से बाहर न हो।  24 अगस्त की आधी रात तक ही यह लागू रहेगा।

फ्लाइट रूट्स को 7 वर्गों में विभाजित किया गया है, पहला 40 मिनट से कम की उड़ान, दूसरा 40 से 60 मिनट की उड़ान, तीसरा 60 से 90 मिनट की उड़ान, चौथा 90 से 120 मिनट की उड़ान, पांचवां 120 से 150 मिनट की उड़ान, छठवां 150 से 180 मिनट की उड़ान और सातवां 180 से 210 मिनट की उड़ान। देश के भीरत सभी रूट इन 7 वर्गों में आते हैं।

नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि एक सेल्फ डिक्लेरेशन या आरोग्य सेतु ऐप की मदद से यात्रियों के कोरोना वायरस के लक्षणों से मुक्त होने का पता लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप पर लाल स्टेट्स वाले यात्रियों को यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही मंत्रालय के द्वारा इसके लिए नए दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं.

सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन्स के मुताबिक।

यात्रियों को फ्लाइट के वक्त से दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना होगा। हर किसी को आरोग्य सेतु ऐप रखना जरूरी होगा।  जिनकी फ्लाइट को चार घंटे हैं, उन्हें ही एयरपोर्ट पर एंट्री मिलेगी।  यात्रियों को मास्क, ग्लव्स पहनना जरूरी. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूरी।  इसके अलावा एयरपोर्ट, विमान के कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना होगा।  फ्लाइट के अंदर भी कई तरह की सतर्कता बरती जाएगी। सिर्फ एक चेक-इन बैग और एक केबिन बैग की इजाजत होगी। सरकार ने आग्रह की है बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, पहले से बीमार लोग और कंटेनमेंट जोन में रहने वाले हवाई सफर न करें। एंट्री मिलने के बाद कम से कम 60 मिनट में बैगेज ड्रॉप और चेक इन फॉर्मेलिटी पूरी करनी होगी।

बोर्डिंग पास के लिए यात्रियों को कुछ डिक्लेरेशन देंगे होंगे। जैसे  :-

  • मैं कंटेनमेंट जोन में नहीं रहता।
  • मुझे बुखार/खांसी/सांस की दिक्कत नहीं है।
  • मुझे क्वारैंटाइन में नहीं रखा गया था।
  • अगर मुझे ये सिम्पटम दिखेंगे तो मैं हेल्थ अथॉरिटी को बताऊंगा।
  • मैं कोरोना पॉजिटिव नहीं पाया गया।
  • मैं नियमों के मुताबिक ट्रेवल करने के लिए एलिजिबल हूं।
  • एयरलाइंस के मांगने पर मैं अपना फोन नंबर/कॉन्टैक्ट डिटेल्स देने के लिए तैयार हूं।
  • मैं जानता हूं कि अगर मैं ऊपर बताए पैमानों को पूरा किए बिना यात्रा कर रहा हूं तो मुझ पर कार्रवाई होगी।

25 मई से बहाल होने जा रही घरेलू विमान यात्राओं का ब्यौरा देते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को अपने फ़ोन पर आरोग्य सेतु ऐप रखना होगा जिससे बच्चों को छूट होगी।  लेकिन यदि किसी के पास ये सुविधा नहीं है तो उसे एक स्व-घोषणा पत्र देना होगा जिसके बाद वो यात्रा कर सकेगा।