कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरुक करने के लिये सीबीएसई ने ‘साइबर सुरक्षा हैंडबुक’ बनायी  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने छात्रों के बीच सुरक्षित और स्वस्थ डिजिटल आदतों को सुनिश्चित करने के यह  साइबर हैंडबुक लॉन्च की है। यह कदम सीबीएसई ने समाज में बढ़ते साइबर क्राइम की गंभीरता को देखते हुए उठाया है। बोर्ड ने बताया  कि लोग ये ना समझे की बच्चो में टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफार्म की जानकारी बहुत ज्यादा होती है। वास्तव में सही जानकारी के अभाव में वो साइबर क्राइम के शिकार हो जाते है। छात्रों को जागरूक करने के लिए साइबर सिक्योरिटी हैंडबुक बोर्ड की तरफ से जारी की गयी है।

नया मॉड्यूल साइबर सुरक्षा जैसे सामाजिक बहिष्कार, धमकी, मानहानि, और भावनात्मक उत्पीड़न, ऑनलाइन यौन शोषण, साइबर कट्टरता, ऑनलाइन हमले और धोखाधड़ी, और ऑनलाइन प्रतिबंध सहित साइबर सुरक्षा में विषयों को कवर करेगा। यह डिजिटल नागरिकता के नौ तत्वों – डिजिटल एक्सेस, साक्षरता, संचार, शिष्टाचार, स्वास्थ्य और भलाई, अधिकारों, स्वतंत्रता और जिम्मेदारी, सुरक्षा और कानून का भी परिचय देगा।

यह हैंडबुक सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।  इस बात की जानकारी केंद्रीय मानव विकास मंत्री  डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्विटर के जरिये दी। उन्होंने इस हैंडबुक को डायरेक्ट डॉऊनलोड करने के लिए लिंक (cbseacademic.nic.in/web_material/Manuals/Cyber_Safety_Manual.pdf) भी दिया है। साथ ही  सभी छात्रों को यह सुझव दिया की हैंडबुक डाउनलोड करें और  खुद को साइबर हमले के खिलाफ तैयार करें।

सीबीएसई ने हाल ही में कक्षा 1 से 10 के लिए शिक्षण और सीखने के एक अलग तरीके को अपनाने की घोषणा की है। छात्रों को कला के विभिन्न तरीकों के माध्यम से कई विषयों को पढ़ाया जाएगा। छात्रों को हाथों-हाथ सीखने के लिए प्रोजेक्ट दिए जाएंगे। प्रत्येक वर्ग के लिए एक परियोजना में सरकार द्वारा एक भारत श्रेष्ठ भारत (एकजुट भारत, सर्वोच्च भारत) कार्यक्रम शामिल होगा।