उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने 25 फरवरी, 2020 को बिहार का बजट पेश किया। 2020-21 का बजट 2 लाख 11 हजार 761 करोड़ रुपये का है। यह बजट पिछले बार से 11 हजार 260 करोड़ रुपये ज्यादा है। पिछले बार 2 लाख 501 करोड़ रुपये बजट का आकार था।

ग्रीन बजट में क्या होगा

देश में पहली बार किसी राज्य सरकार द्वारा ग्रीन बजट पेश किया गया। राज्य में जल-जीवन-हरियाली अभियान पर 6,007.98 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कुओं-चापाकलों के किनारे सोख्ता, रिचार्ज, जल संग्रहण क्षेत्रों में चेकडैम, सघन वृक्षारोपण, छतों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सौर ऊर्जा एवं ऊर्जा बचत, ड्रिप इरिगेशन आदि पर वर्ष 2020-21 में कुल 6,007.98 करोड़ रुपए) खर्च होंगे।  

हर घर नल का जल पहुंचाने वाला पहला राज्य बनेगा बिहार

मुख्यमंत्री पेयजल एवं गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना के तहत राज्य के सभी घरों तक पाइप से पेयजल एवं सभी बस्तियों में गली-नाली पक्की करने हेतु 37 हजार 70 करोड़ रुपए खर्च का लक्ष्य रखा गया है। भारत सरकार द्वारा भी जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए खर्च कर देश के सभी घरों में पाइप से जलापूर्ति करने का लक्ष्य रखा है। बिहार को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा, क्योंकि जब यह योजना देश भर में शुरू हो रही है तब तक बिहार में पाइप से जलापूर्ति का कार्य पूरा हो जाएगा। योजना पूरी होने पर बिहार देश का पहला राज्य बन जाएगा, जिसके हर घर तक नल का जल एवं सभी गली-नाली का पक्की होगी।  

मौसम के अनुकूल खेती पर जोर

बजट में मौसम के अनुकूल कृषि पर जोर दिया गया है। मौसम के अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत फसल की नई किस्म और नयी बुआई की विधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-2024 तक 5 साल में 6,065.50 लाख रुपए खर्च होंगे। वहीं, ग्रामीण विकास विभाग को 16014.88 और ग्रामीण कार्य विभाग को 9619 करोड़ रुपए दिए गए है। जबकि, कृषि विभाग को 3152.81 करोड़ और पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग को 1178.92 करोड़ रुपए मिले हैं।

स्वास्थ्य पर खर्च होंगे 1937 करोड़ रुपये

आईजीआईएमएस, पटना को सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए बैंडों की संख्या 2,732 की जाएगी। साथ ही 500 बैडों के निर्माणाधीन अस्पताल के अतिरिक्त 513.21 करोड़ रुपये की लागत से 1,200 बेड के नये अस्पताल भवन का निर्माण होगा। लगभग 172.95 करोड़ रुपये की लागत से जिला अस्पताल आरा, अररिया, वैशाली, औरंगाबाद, बांका, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी एवं सहरसा का मॉडल अस्पताल के रूप में उन्नयन होगा। वर्ष 2020-21 में 12 जिला अस्पतालों बेगूसराय, भागलपुर, गया, गोपालगंज, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, नालन्दा, पटना, रोहतास, समस्तीपुर और सीवान का भी उन्नयन किया जाएगा। 

ऊर्जा और शिक्षा

वर्ष 2021-22 तक ग्रिड सब-स्टेशनों की संख्या बढ़कर 169 तथा संचरण लाइन की कुल लम्बाई 20,324 सर्किट किलोमीटर हो जाएगी। वहीं, 2020-21 में शिक्षा पर 35 हजार करोड़ खर्च होंगे। 20 करोड़ रुपये के व्यय से ‘‘तालिम नौ बालगान’’ की शुरुआत की जाएगी। 

विज्ञान एवं प्रावैधिकी

10 अभियंत्रण महाविद्यालयों के परिसर में 336.00 करोड़ की लागत से 12 ब्यॉज एवं 9 गर्ल्स छात्रावासों तथा 12 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के परिसर में 520.14 करोड़ की लागत से 18 ब्यॉज व 16 गर्ल्स छात्रावासों का निर्माण कराया जायेगा।