राज्य के इंजीनियरिंग व पॉलिटेक्निेक कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेट और गेट की अनिवार्यता अब आवश्यक नहीं है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा नियमावली की तर्ज पर राज्य सरकार ने नियमावली बनाई है। इसे कैबिनेट में मंजूरी दे दी गई है। अब बीई, बीटेक, एमई, एमटेक के साथ ही बीएस और एमएस पास भी शिक्षक बन सकेंगे।

100 अंकों का होगा टेस्ट

इस नई नियमावली के तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों और पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की बहाली के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी। इसमें 40 अंक के दीर्घ उत्तरीय की बजाए अब वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। वहीं आवेदक के पुस्तक पेपर प्रकाशन पर अधिकतम 20, संगोष्ठी के आयोजन व प्रेजेंटेशन पर अधिकतम 20, अनुसंधान के लिए अधिकतम 10 व पीएचडी के लिए 10 अंक तक दिए जाएंगे।