आरपीएम कॉलेज, पटना सिटी में 4 फरवरी को लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तीकरण पर संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी का उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति राजेन्द्र प्रसाद, कॉलेज के प्राचार्य डॉ पूनम, गौतम बुद्ध ग्रामीण विकास फाउंडेशन के अध्यक्ष विलास कुमार, आईक्यूएसी की अध्यक्ष डॉ शहजनाज फातमा ने दीप जलाकर किया। इसके बाद कॉलेज की प्राचार्या ने अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, कॉलेज डायरी और हरियाली के प्रतीक पुष्प कलश भेंट कर किया। वहीं, छात्राओं ने स्वागत गान से अतिथियों का स्वागत किया। न्यायमूर्ति राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि प्रकृति की नजर में नर और नारी दोनों समान हैं। वेदों में महिलाओं को काफी सम्मान दिया गया है। वहीं, कॉलेज की प्राचार्या ने लैंगिक समानता एवं महिला सशक्तीकरण के अंत के संबंध को स्पष्ट करते हुए बताया कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। सरकारी स्तर पर भी महिलाओं को सशक्त करने के प्रयास जारी हैं। चरित्र का पाठ सिर्फ लड़कों को ही नहीं लड़कियों को भी पढ़ाने की जरूरत है। इक्वेलिटी के साथ इम्प्रूवमेंट जुड़ा हुआ है। नर—नारी सबको समान अवसर मिलेगा, तब ही राष्ट्रीय उत्पादन बढ़ेगा और राष्ट्रीय का उत्थान होगा। विलास कुमार ने छात्राओं को सिविल सर्विस की निशुल्क कोचिंग कराने का आश्वासन दिया। वहीं, युवा कवि राकेश ऋतुराज ने बिहार गौरव गीत और बेटी पैदा नहीं हुई तो बहू कहां से लाओगे कविता भी सुनायी। संगोष्ठी का संचालन डॉ अंजू जैन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शाहनाज फातमा ने किया।