पत्रकारिता में आज तथ्यपरक जानकारी का अभाव है। जिस कारण समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। आज इस भ्रम को समाप्त करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस चुनौती का सामना करने के लिए विश्व संवाद केन्द्र पिछले 20 वर्षों से भगीरथ प्रयास कर रहा है। उसी प्रयास की एक कड़ी यह पत्रकारिता कार्यशाला है, जो पिछले पंद्रह वर्षों से सतत आयोजित की जा रही है। ये बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर-पूर्व क्षेत्र कार्यवाह डाॅ मोहन सिंह ने कहीं।  

विश्व संवाद केन्द्र, पटना द्वारा आयोजित बारह दिवसीय पत्रकारिता कार्यशाला के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डाॅ सिंह ने कहा कि पत्रकारिता कोई अलग कार्य नहीं। आज के समय की आवश्यकता है कि हर लोग पत्रकारिता को नियंत्रित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को पत्रकारिता पेशे की चुनौतियां एवं प्रशिक्षण की आवश्यकता भी बताई। प्रशिक्षुओं को तथ्य, तकनीक और भाषा को सतत साधने की बात भी कही।

विश्व संवाद केन्द्र के न्यासी विमल कुमार जैन ने विश्व संवाद केन्द्र के पिछले इक्कीस वर्षों की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

इस अवसर पर प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार की गई पत्रिका युवा दर्पण और राष्ट्र चिंतन का विमोचन किया गया। मंच संचालन अभिषेक झा और ज्योति कुमारी ने किया।