किलकारी बिहार बाल भवन में 17 जनवरी को इंद्रधनुष सृजन कार्यशाला आयोजि की गई। इसमें गया और दरभंगा में संचालित बाल भवनों के भवन निर्माण से संबंधित मॉडल पर चर्चा की गई। उमेश शर्मा द्वारा बनाये गए भवन के मॉडल को प्रदर्शित किया गया। गया के प्रमंडल कार्यक्रम समन्वयक ने गया जिले के बाल भवन की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने अपनी प्रस्तुति में गया के ऐतिहासिक और भौगोलिक जानकारी दी। वहीं, किलकारी बिहार बाल भवन की निदेशक ज्योति परिहार ने कहा कि किलकारी एक बड़ा मंच बन गया है। सभी जगह के व्यक्ति जब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं, तो नया और बेहतर बाल भवन बनाना होगा। कार्यशाला का उद्देश्य शाखा बाल भवन का मास्टर प्लान बनाना है।

यह कार्यशाला 18 जनवरी को भी आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में विन्यास, नई दिल्ली के प्रधान वास्तुविद कबीर वाजपेयी, एनआईटी एवं बीआईटी के आर्किटेक्चर विभाग के प्रोफेसर और चतुर्थ वर्ष के छात्र—छात्राएं भी शामिल हुईं।