नेहा सिंह।
मेहनत ही सफलता की कुंजी है और सफलता पाने के लिए समय का सदुपयोग करना एक मात्र बेहतर विकल्प है। किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए यह एक अच्छी सलाह है। आज हम बात करेंगे 2020 जेईई मेन में भाग लेने वाले परीक्षार्थी किस तरह आने वाली परीक्षा की तैयारी करें, क्योंकि परीक्षा की जितनी अच्छी तैयारी उतनी ही कम चिंता इस कठिन परीक्षा के दौरान करनी पड़ेगी। आपको बता दें कि इस परीक्षा के प्रारूप में कुछ बदलाव हुए हैं। साथ ही उम्मीदवारों को अपनी तैयारी में बदले प्रारूप के अनुसार बदलाव करने की आवश्यकता है।

इस बार पैटर्न अलग 

जॉइंट एंट्रेस एग्जाम या जेईई के लिए इसके आयोजक निकाय नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जेईई 2020 के लिए पेपर पैटर्न के बारे में सूचना जारी की गई है। इसके अनुसार 2019 की तुलना में इस बार पैटर्न अलग होगा। चलिए, जानते हैं संशोधित पैटर्न की प्रमुख विशेषताएं है। प्रत्येक विषय के लिए प्रश्नों की संख्या को 30 से घटाकर 25 कर दिया गया है। संख्यात्मक उत्तर वाले 5 प्रश्नों के लिए कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा। साथ ही 5 प्रश्नों के गलत जवाब पर कोई अंक नहीं काटे जाएंगे। वहीं, पूर्णांक को घटाकर 300 कर दिया गया है, जो गत वर्ष 360 था। अधिकतम अंक को भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और गणित तीनों विषयों में समान रूप से विभाजित किया गया है और तीनों के लिए 100 अंक निर्धारित है। हांलाकि, परीक्षा की अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह 3 घंटे ही होगी।

75 होगी अब प्रश्नों की संख्या 

पहले 90 सवाल हल करने के लिए 3 घंटे का समय मिलता था। इसका मतलब हुआ प्रत्येक सवाल के लिए 2 मिनट मिलता था, पर अब प्रश्नों की संख्या 75 कर दी गई है और समय पहले की तरह 3 घंटे ही रखा गया है। इससे प्रति प्रश्न मिलने वाले समय में वृद्धि होगी। इससे ऐसा लग रहा है कि 2019 की तुलना में प्रश्नपत्र अधिक कठिन होगा। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के लिए अपनी तैयारी के स्तर को बढ़ाना होगा।

संख्यात्मक 5 प्रश्नों की शुरुआत 

संख्यात्मक जवाब वाले जिन 5 प्रश्नों की शुरुआत की गई है उसकी आवश्यकता छात्रों की अवधारणात्मक और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण करना हो सकता है। इससे विकल्पों को हटाने के तरीके या अनुमान के माध्यम से प्रश्नों का उत्तर देने की प्रवृत्ति खत्म होगी। इससे उन अम्मीदवारों को लाभ मिलेगा, जो विषय को गहनता से जानते हैं और प्रश्नों को हल करने की आदत रखते हैं।

ड्राइंग टेस्ट नहीं देना होगा 

इससे पहले बीआर्कर/बीप्लानिंग पाठ्यक्रमों के इच्दुक उम्मीदवारों को जेईई मेन पेपर 2 देना होता था। इसमें इन्हें 3 टेस्ट गणित, एप्टीट्यूड और ड्रॉइंग से गुजरना पड़ता था। 2020 की परीक्षा के लिए एनटीए ने बीप्लानिंग के लिए अलग टेस्ट की व्यवस्था की है, जिसमें उन्हें ड्राइंग टेस्ट नहीं देना होगा। इस टेस्ट में प्लानिंग से संबंधित 25 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे।  

बीप्लानिंग के लिए पाठयक्रम 

विकास से जुड़े मुद्दों, सरकारी कार्यक्रमों/ योजनाओं आदि से संबंधित सामान्य जागरूकता या कार्यक्रमों से संबंधित खबरों पर विषेश ध्यान देना चाहिए। इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान विषयों के बुनियादी बातों को समझने के लिए एनसीईआरअी की कक्षा 9वीं और 10वीं की पाठ्यपुस्तकों की मदद ली जा सकती है। नक्शे को समझाने का कार्यात्मक ज्ञान भी होना चाहिए। साथ ही टेस्ट के लिए जरूरी मानचित्र पढ़ने के लिए कौशल को विकसित करने के लिए पर्याप्त होंगे।

विषयवार तैयारी की रणनीति

गणित

मैथ्स के लिए सिलेबस विशाल होने के साथ ही विविध भी है। इसे मोटे तौर पर 5 खंड़ों में बांटा जा सकता है —
1.बीजगणित
2.त्रिकोणमिति
3.को—आर्डिनेट ज्यामिति  
4.कैलकुलस और वेक्टर
5.3डी ज्यामिति

तो आइए जानते हैं क्या रणनीति तैयार करें इन पांचों खंडों के लिए

1. बीजगणित
इस खंड में समुच्चय सिद्धांत, संबंध और कार्य, समीकरण के सिद्धांत, अनुक्रमों और शृंखला जैसे चैप्टर आसान और बुनियादी हैं, जिससे आगे के चैप्टरस में काफी मदद मिलेगी। क्रम परिवर्तन और संयोजन और संभाव्यता ऐसे चैप्टर हैं जिन पर एक बार पकड़ बन जाने पर यह हाई स्कोरिंग साबित होगा।
 
2. त्रिकोणमति
यह एक छोटा चैप्टर होने के बावजूद काफी उलझाउ है। इस पर पकड़ बनाने के लिए निरंतर प्रैक्टिस ही एकमात्र उपाय है। इस सेक्शन पर अच्छी पकड़ होने पर मैकेनिक्स के प्रश्न बनाने में काफी मदद मिलती है।

3.को—आर्डिनेट ज्योमेट्री 
को—आर्डिनेट ज्योमेट्री कोनिक सेक्शन की उपस्थित के कारण मुश्किल माना जाता है। इस पर सवाल होते ही है तो इसकी तैयारी अवश्य रखें। साथ ही ग्राफ के रूप में समीकरणों की कल्पना करना सीखना चाहिए। इससे कई प्रश्न पेन के बिना ही हल हो जाएंगे। ग्राफ से संबंधित एक अच्छी किताब खरीद लें।

4. कैलकुलस
कैलकुलस की तैयारी से दोगुना लाभ मिलता है। गणित में तो इसका लाभ मिलता ही है। साथ ही भौतिकी में भी यह काफी मददगार साबित होता है। इसलिए इस पर पकड़ बनाने के लिए नियमित रूप से इसका अभ्यास करें।

5. वेक्टर और 3डी ज्योमेट्री 
यदि आपने को—आर्डिनेट ज्योमेट्री की बुनियादी बातों को समझ लिया है, तो वैक्टर और 3डी आपके लिए काफी सरल होगा। ऐसे में आपको इसका काफी लाभ मिलेगा। 

भौतिकी 

भौतिकी जेईई मेन के उम्मीदवारों के लिए काफी अहम है। भौतिकी एक ऐसा विषय है, जो अवधारणाओं पर आधारित सबसे अधिक प्रश्न होते हैं। तो आईए जानते हैं, भौतिकी के विभिन्न खंडों के बारे में और कैसे करें तैयारी :
1.यांत्रिकी
2.विद्युत और चुंबकत्व
3. प्रकाशिकी और आधुनिक भौतिकी
4. तरंग और उष्मागतिकी

1.यांत्रिकी
यांत्रिकी में कई महत्वपूर्ण चैप्टरस हैं। इनमें काइनेमेटिक्स, गति के नियम, कार्य उर्जा व शक्ति, घूर्णीय गति, गुरुत्वाकर्षण, ठोस और द्रव के गुण, दोलन व तरंग शामिल हैं। इस खंड पर अच्छी पकड़ सुनिश्चित करने के लिए त्रिकोणमति पर पकड़ होनी चाहिए। साथ ही हाई स्कोरस के लिए फ्री बॉडी डायग्राम, बर्ल/आघूर्ण समीकरण, धुरी पर लगने वाले बल का संबंध, उर्जा सरंक्षण के नियम, गति और कोणिय गति की जानकारी होनी चाहिए।

2.विद्युत और चुंबकत्व
इलेक्ट्रोस्टैटिक्स, विद्युत प्रवाह, विद्युत चुबंकिय प्रेरण और अल्टरनेटिव करेंट, धारा का चुबंकीय प्रभाव और चुंबकत्व जैसे अहम चैप्टरस इस खंड में आते हैं। यह भौतिकी का सबसे महत्वपूर्ण खंड़ों में आता है। इस खंड का मुख्य हिस्सा किरचॉफ के धारा और वोल्टेज के नियम, गॉस का नियम और बायोट सैवार्ट लॉ जैसे टॉपिक्स हैं।

3.प्रकाशिकी और आधुनिक भैतिकी 
इस खंड के मुख्य चैप्टरस के बारे में अगर बात करें तो प्रकाशिकी, विद्युत चुंबकिय तरंगे, परमाणु और नाभिक, पदार्थ की दोहरी प्रवृत्ति और विकिरण, इलेक्ट्रानिक उपकरण, संचार प्रणाली महत्वपूर्ण चैप्टर हैं। सबसे स्कोरिंग चैप्टर प्रकाशिकी और आधुनिक भौतिकी साबित होता है। इसके अलावा परमाणु संरचना रसायन विज्ञान के साथ काफी विस्तृत चैप्टर में आता है। इस खंड से अधिक प्रश्न पूछे जाने की संभावना है।

4.तरंग और उष्मागतिकी
गैसों की गति के सिद्धांत और उष्मागतिकी रसायन से मिलता—जुलता टॉपिक है। इसलिए इसकी तैयारी अवश्य सुनिश्चित करें। भौतिकी में अच्छे अंक हासिल करने के लिए गणित में मजबूत पकड़ बनाएं।

रसायन विज्ञान

जेईई के लिए रसायन विज्ञान का पाठ्यक्रम भैतिकी, अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन में बंटा हुआ है। इसके प्रमुख खंडों की बात करें तो —

1.भौतिकी रसायन विज्ञान
2.अजैविक रसायन विज्ञान
3.जैविक रसायन विज्ञान

1.भौतिकी रसायन विज्ञान
भौतिकी रसायन विज्ञान भौतिकी के कई पाठ्यक्रम को खुद में साझा करता है। इसमें उष्मागतिकी, परमाणु संरचना, विद्युत रसायन, गैसीय अवस्था जैसे मुख्य टॉपिक हैं। इसके अलावा मोल अवधारणा फिजीकल केमेस्ट्री का सबसे आवश्यक टॉपिक है। साथ ही यह रसायन विज्ञान का सबसे सुलझा हुआ खंड है, जिसमें कोई अपवाद नहीं है। जेईई मेन 2020 में इस खंड से अधिक सवाल आने की संभावना है।

2.अजैविक रसायन विज्ञान 
अगर बात करें इस खंड की तो रसायनिक संबंध, उपसहसंयोजक यौगिकीं और धातुकर्म जैसे चैप्टर प्रमुख हैं, जो सरल भी है और किसी खंड के तुलना में। इसके अलावा एस—ब्लॉक, पी—ब्लॉक और डी—ब्लॉक जैसे चैप्टर पर काफी समय देने की आवश्यकता है, जो इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए अहम योगदान देगा।
 
3. जैविक रसायन विज्ञान 
इस खंड में आपको कार्बनिक अभिक्रियाओं को याद रखने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, पर एक बार कार्बनिक अभिक्रियाओं को समझ लेने पर यह आपके लिए काफी लाभप्रद साबित होगा। साथ ही आपको बता दें आईयूपीएसी वर्गीकरण व समरूपता परीक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण है। उम्मीदवार यह सुनिश्चित कर लें सबसे पहले तत्व सारिणी को समझना आवश्यक है।

समय प्रबंधन कर पढ़ना होगा

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसलिए जेईई मेन 2020 की परीक्षा को पास करने के लिए आपको सबसे पहले समय प्रबंधन कर पढ़ना होगा।  इसके बाद निरंतर अभ्यास करते रहें। साथ ही मॉक टेस्ट में अवश्य भाग लें जिससे आपको अपनी कमजोरियों का पता चलता रहेगा। साथ ही जेईई एडवांस्ड पेपर में पूछे गए प्रश्नों का अभ्यास करें। इसके अलावा रेफरेंश किताबों की भी मदद लें।