जानिए, अमेरिका में कैसे चलता है महाभियोग  

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पलोसी ने राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी।

यह है आरोप  

ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति ब्लोदीमीर जेलेंस्की पर दबाव बनाया कि वह ट्रंप के डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाईडन और उनके बेटे के खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच शुरू करें। इस बातचीत में ट्रंप ने जेलेंस्की को 25 जुलाई को डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार जो बाइडेन और एक यूक्रेनी गैस फर्म में काम करने वाले उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को कहा। ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति के बीच फोन पर ये बातचीत व्हिसल ब्लोअर की शिकायत के बाद सार्वजनिक की गई है।

क्या है महाभियोग

अमेरिकी संविधान के मुताबिक राष्ट्रपति को देशद्रोह, रिश्वत और दूसरे कुछ संगीन अपराधों में महाभियोग का सामना करना पड़ता है। यहां महाभियोग की प्रक्रिया हाउस ऑफ रिप्रेजेटेटिव्स से शुरू होती है और इसे पास करने के लिए साधारण बहुमत की जरूरत पड़ती है। महाभियोग चलाने के लिए सीनेट में एक सुनवाई होती है, लेकिन यहां महाभियोग को मंजूरी देने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत पड़ती है। अमेरिकी इतिहास में अब तक किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के जरिए हटाया नहीं जा सका है।

अमेरिकी कांग्रेस को भी जानिए 

भारत की संसद की ही तरह यूनाइटेड स्टेट्स कांग्रेस के भी दो हिस्से हैं- सेनेट (ऊपरी सदन) और हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स (लोअर हाउस)। सेनेट में कुल 100 सेनेटर्स होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में कुल 50 प्रांत हैं। हर प्रांत पर दो सेनेटर्स। ‘हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स’ में कुल 435 निर्वाचित सदस्य होते हैं। छह नॉन-वोटिंग सदस्य भी होते हैं।  

कितने वोट जरूरी

महाभियोग में दोषी ठहराने और राष्ट्रपति को पद से हटाने के लिए सेनेट में कम से कम दो तिहाई बहुमत चाहिए। 100 सेनेटर्स में से कम से कम 67 सेनेटर्स ट्रंप को हटाने पर सहमत हों, तभी दोषी ठहराया जा सकता है। 

सेनेट में डेमोक्रैटिक पार्टी का कितना हिस्सा

100 सेनेटर्स में से 47 डेमोक्रैट्स हैं। जबकि, 53 रिपब्लिकन्स हैं। हाउस ऑफ रेप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रैटिक पार्टी का बहुमत है। अगर आरोप तय करके सेनेट भेजती भी है, तो वहां उसे कम से कम 20 रिपब्लिकन सेनेटर्स की मदद चाहिए।

इन्हें करना पड़ा महाभियोग का सामना

अमरीका के इतिहास में कई बार कुछ राष्ट्रपतियों पर महाभियोग चलाने की बात हुई है, लेकिन केवल दो राष्ट्रपतियों को ही इसका सामना करना पड़ा। अमरीका के इतिहास में महाभियोग का हालिया मामला अमरीका के 42वें राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का रहा था। अब उसके बाद डोनल्ड ट्रंप पर इसे चलाने के लिए आवाज उठ रही है। बिल क्लिंटन को एक व्यापक जूरी के समक्ष झूठी गवाही देने और न्याय में बाधा डालने के मामले में महाभियोग का सामना करना पड़ा था। मोनिका लेविंस्की से प्रेम संबंधों के मामले में उन्होंने झूठ बोला था। इसके साथ ही उन पर यह भी आरोप था कि बिल क्लिंटन ने मोनिका लेविंस्की को भी इस मामले में झूठ बोलने के लिए कहा था। बिल क्लिंटन के अलावा एन्ड्रयू जॉनसन एकमात्र राष्ट्रपति हैं जिन्हें महाभियोग का सामना करना पड़ा था। जॉन्सन अमरीका के 17वें राष्ट्रपति थे। वह 1865 से 1869 तक अमरीका के राष्ट्रपति रहे थे। जॉनसन के खिलाफ 1868 में हाउस में महाभियोग लाया गया था, तब के युद्ध मंत्री एडविन स्टैंचन के हटने के 11 दिन बाद ही उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया था। एडविन राष्ट्रपति की नीतियों से सहमत नहीं थे। जॉनसन का मामला बिल क्लिंटन से बिल्कुल उलट था। जॉनसन का महाभियोग महज एक वोट से बच गया था।