02 दिसंबर को फिक्स्ड-विंग डोर्नियर सर्विलांस प्लेन उड़ाएंगी

बीना सिंह।  
भावना कांत, मोहना सिंह और अवनी चतुर्वेदी इसी साल फाइटर पायलट बनी हैं और अब लेफ्टिनेंट शिवांगी का नाम भी इस सफर में जुड़ गया है। वायुसेना के बाद अब नौसेना को भी देश की पहली महिला पायलट मिलने जा रही है। जी हां, बिहार की बेटी शिवांगी स्वरूप देश की पहली नौसेना महिला पायलट होंगी। 24 वर्ष की शिवांगी बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं। शिक्षा की बात करें, तो इन्होने अपनी स्कूली शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरपुर से पूरी की है। स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद लेफ्टिनेंट शिवांगी ने सिक्किम के मणिपाल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की। 27 एनओसी कोर्स के तहत एसएससी यानी पायलट के रूप में उन्हें शामिल किया गया। शिवांगी को 4 दिसंबर को नौसेना दिवस पर होने वाले समारोह में बैज लगाया जाएगा। शिवांगी ऑपरेशन ड्यूटी में शामिल होंगी। वह 2 दिसंबर को फिक्स्ड-विंग डोर्नियर सर्विलांस विमान उड़ाएंगी।  

कहां से ले रही हैं प्रशिक्षण 

लेफ्टिनेंट शिवांगी कोच्चि (केरल) में प्रशिक्षण ले रही हैं। इसके बाद वह कोच्ची के आपरेशन ड्यूटी में शामिल होंगी और फिक्स्ड-विंग डोर्नियर सर्विलांस विमान उड़ाएंगी। ये विमान कम दूरी के समुद्री मिशन पर भेजे जाते हैं। इसमें एडवांस सर्विलांस, रडार, नेटवर्किंग और इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगे होते हैं। शिवांगी को पिछले साल जून में वाइस एडमिरल एके चावला ने औपचारिक तौर पर नेवी में शामिल किया था।

बीते साल बनी थीं नौसेना का हिस्सा 

शिवांगी को 27 एनओसी कोर्स के तहत एसएससी पायलट के तौर पर भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था। पिछले साल जून में ही उन्हें एडमिरल एके चावला ने औपचारिक तौर पर नेवी का हिस्सा बनाया था। आईएनए में छह महीने के कठोर प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिवांगी ने वायु सेना अकादमी, डंडीगल में पिलाटस यानी पीसी 7 विमान में उड़ान प्रशिक्षण शुरू की। इस प्रशिक्षण के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद शिवांगी कोच्ची में डोर्नियर ट्रेनिंग स्क्वाड्रन आईएनएएस 550 से डोर्नियर कन्वर्जन कोर्स पूरा करने के लिए चली गईं और अब वह भारतीय नौसेना में फिक्सड विंग डोर्नियर सर्विलांस प्लेन का संचालन करेंगी।

कहां से हुई पढ़ाई 

शिवांगी ने 2010 में डीएवी पब्लिक स्कूल, मुजफ्फरपुर से सीबीएसई 10वीं की परीक्षा पास की। 10 सीजीपीए प्राप्त हुआ। साइंस स्ट्रीम से 12वीं करने के बाद इंजीनियरिंग की। स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद लेफ्टिनेंट शिवांगी ने सिक्किम के मणिपाल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी से बीटेक की। एमटेक में दाखिले के बाद एसएसबी की परीक्षा के जरिए नेवी में सब लेफ्टिनेंट के रूप में चयनित हुईं। ट्रेनिंग के बाद पहली महिला पायलट के लिए चयन किया गया।

परिवार के बारे में भी जानिए

शिवांगी एक सिविलयन परिवार से ताल्लुक रखती हैं। शिवांगी के पिता एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हैं और माता गृहिणी हैं। शिवांगी ने खुद इस बात का जिक्र किया है कि नौसेना का पायलट बनने का मुकाम आसान नहीं था।  इस सफर में उनके माता—पिता ने उनका भरपूर सहयोग किया।

ये भी पहली महिलाएं

भावना कांत भारतीय वायुसेना में पहली महिला पायलट बनी थीं। वहीं, कराबी गोगाई नौसेना की पहली महिला डिफेंस अटैची हैं। असिस्टेंट लेफ्टिनेंट कमांडर गोगाई अगले माह रूस में तैनात की जाएंगी। वे कर्नाटक के करवार बेस पर रूसी भाषा में कोर्स कर रही हैं। वे युद्धपोत के निर्माण और उनकी मरम्मत में माहिर मानी जाती हैं।